क्या ममता अपने ही बूथ पर हारने के बाद भी जन-नेता हैं : शुभेंदु

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क्या ममता अपने ही बूथ पर हारने के बाद भी जन-नेता हैं : शुभेंदु

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 12:46 AM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 12:46 AM IST

कोलकाता, 23 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए मंगलवार को कहा कि क्या विधानसभा चुनाव के दौरान अपने ही बूथ पर हारने के बाद ‍‍वह अब भी जन-नेता हैं।

विधानसभा में की गईं शुभेंदु की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के एक समूह ने सदन से बहिर्गमन किया।

शुभेंदु ने ममता को उनके गढ़ भवानीपुर में 15,105 मतों के अंतर से हराया था।

मुख्यमंत्री ने चुनाव परिणाम का जिक्र करते हुए कहा, “अपने ही बूथ पर हारने के बाद भी क्या उन्हें (ममता) जन-नेता कहा जा सकता है?”

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की कई टिप्पणियों का जिक्र किया और कहा, “ममता ने महाकुंभ को ‘मौत का कुंभ’ कहा था। बंगाल की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहते हुए उन्होंने राम मंदिर के खिलाफ एक रैली की अगुवाई की थी। बंगाल ने जवाब दे दिया है।”

शुभेंदु ने मुख्यमंत्री रहते हुए दीघा में जगन्नाथ मंदिर बनवाने को लेकर ममता पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए इसके निर्माण में सरकारी राशि का इस्तेमाल किया गया।

शुभेंदु ने कहा, “विधानसभा में इस माइक के सामने खड़े होकर उन्होंने (ममता) मुझसे कहा था कि ‘आप नगरपालिका चुनाव हार गए।’ आज वह घर पर बैठकर मेरी बात सुन रही हैं। मैंने उनसे कहा था कि लोग जवाब देंगे और उन्होंने जवाब दिया है।”

शुभेंदु की इस टिप्पणी के बाद तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के एक समूह ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया।

भाषा पारुल जोहेब

जोहेब