बठिंडा, 23 जून (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कहा कि अकाल तख्त हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग अपने स्वार्थों के लिए इस पवित्र संस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।
बठिंडा जिले के मंडी कलां गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ (जन संवाद) कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि उन्होंने सिख धर्म में इसके महत्व के कारण श्री अकाल तख्त साहिब में मत्था टेका था। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कुछ तत्व इस संस्था का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं।
इस महीने की शुरुआत में, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर अकाल तख्त ने मान को ‘गुरु दोखी’ (गुरु-विरोधी) और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया था।
इस वीडियो में कथित तौर पर मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सिख गुरुओं और मारे जा चुके आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ ‘आपत्तिजनक गतिविधियों’ में शामिल दिखाई दे रहा है।
मान को ‘गुरु दोखी’ (गुरु-विरोधी) और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित करने का आदेश अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज के इस दावे के बाद जारी किया गया था कि वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी और न ही यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाया गया था।
मान ने इस वीडियो को खारिज करते हुए कहा था कि इसे उनकी छवि को खराब करने के उद्देश्य प्रसारित किया गया है।
भाषा जोहेब पारुल
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