सहायक उप-निरीक्षक ओंबले के साहस के कारण ही कसाब को जिंदा पकड़ा जा सका: फडणवीस

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सहायक उप-निरीक्षक ओंबले के साहस के कारण ही कसाब को जिंदा पकड़ा जा सका: फडणवीस

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 01:07 AM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 01:07 AM IST

मुंबई, 23 जून (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) तुकाराम ओंबले द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस के कारण ही जिंदा पकड़ा जा सका था। फडणवीस ने कहा कि अगर ओंबले न होते, तो भारत मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं और उनके देश का पर्दाफाश नहीं कर पाता।

फडणवीस दक्षिण मुंबई के यशवंतराव चव्हाण केंद्र में ‘हिमांशु रॉय फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में एएसआई ओंबले को राष्ट्रीय सुरक्षा श्रेणी में मरणोपरांत ‘हिमांशु रॉय लेगेसी अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया।

मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमलों के दौरान ओंबले के साहस की सराहना करते हुए फडणवीस ने कहा कि उन्हें इस सदी के सबसे जांबाज पुलिस अधिकारी के रूप में याद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “एएसआई ओंबले ने लाठी के दम पर आतंकवादियों की गोलियों का सामना किया और अजमल कसाब को जिंदा दबोच लिया। ओंबले ने सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन उन्हीं की बदौलत कसाब को जिंदा पकड़ा जा सका।”

उन्होंने कहा, “अगर एएसआई ओंबले न होते, तो हम दुनिया के सामने इन हमलों के गुनाहगारों को बेनकाब नहीं कर पाते।”

पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने मुंबई में कई अहम प्रतिष्ठानों पर हमला किया था, जिसमें 166 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे।

उन 10 आतंकवादियों में से केवल कसाब को ही जिंदा पकड़ा जा सका था, जिसे नवंबर 2012 में फांसी दे दी गई थी।

भाषा

सुमित पारुल

पारुल