मलप्पुरम (केरल), 11 मई (भाषा) कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रमुख घटक दल – इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने केरल में मुख्यमंत्री चुने जाने के फैसले में हो रही देरी पर सोमवार को अप्रसन्नता व्यक्त की और चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनिश्चितता के राजनीतिक दुष्परिणाम हो सकते हैं।
राज्य में नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक सप्ताह बाद भी कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री के चयन को लेकर अनिश्चितता जारी है और इसके मद्देनजर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की यह आलोचना सामने आई है।
इस चुनाव में यूडीएफ ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।
आईयूएमएल की मलप्पुरम जिला इकाई के महासचिव पी. अब्दुल हमीद ने कहा कि इस देरी से पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच पहले ही असंतोष पैदा हो चुका है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “फैसला लेने में पहले ही देरी हो चुकी है। अगर इसमें और देरी हुई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। हमें उम्मीद है कि एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) नेतृत्व इस बात को समझेगा।’’
हमीद ने कहा कि राज्य भर के लोग देरी पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिले की महिला मतदाता भी पार्टी नेताओं को फोन कर पूछ रही थीं कि आखिर उनसे यूडीएफ के पक्ष में वोट क्यों डलवाए गए।
उन्होंने कहा, “हर जगह असंतोष का माहौल है। हम जहां भी जाते हैं, लोग सिर्फ इसी मुद्दे को उठाते हैं, यहां तक कि शादी समारोहों और अंत्येष्टि समारोहों में भी लोग यही सब पूछते हैं।”
आईयूएमएल नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के संबंध में अपने विचार कांग्रेस नेतृत्व को बता दिए हैं और विश्वास व्यक्त किया है कि कांग्रेस सहयोगी दल की राय को गंभीरता से लेगी।
केरल के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कांग्रेस के भीतर अनिश्चितता बनी हुई है, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने दो दिन पहले ही नयी दिल्ली में इस पद के तीन दावेदारों के साथ चर्चा की थी।
यहां वरिष्ठ पार्टी नेता रमेश चेन्निथला, एआईसीसी के महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल और विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार माने जा रहे हैं।
भाषा यासिर वैभव
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