नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, दो जुलाई (भाषा) केरल के स्थानीय निकाय मंत्री के. एम. शाजी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) सभी प्रकार की शराब की बिक्री और सेवन का विरोध करती है, लेकिन कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर कर में कटौती संबंधी मंत्रिमंडल के फैसले के साथ खड़ी रहेगी।
शाजी ने नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में बजट प्रस्ताव पर पार्टी के रुख के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी का रुख आईयूएमएल के प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इसका समर्थन नहीं करते। यही वजह है कि थंगल ने अपनी राय व्यक्त की है। लेकिन हम मंत्रिमंडल के फैसले के साथ रहेंगे। चाहे कम अल्कोहल वाला पेय हो या अधिक अल्कोहल वाला, हम शराब के सेवन के खिलाफ हैं।’’
शाजी ने कहा कि आईयूएमएल ने अपनी असहमति दर्ज कराई है, लेकिन वह मंत्रिमंडल के सामूहिक निर्णय का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर गठबंधन के भीतर कोई विवाद पैदा नहीं करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि आईयूएमएल को समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिला है और वह गठबंधन सरकार के जनादेश का सम्मान करती है। शाजी ने कहा, ‘‘हमने अपनी राय व्यक्त कर दी है। लेकिन इसके कारण हम बहुमत के फैसले को खारिज नहीं करेंगे। यह सरकार 102 विधायकों के समर्थन से सत्ता में आई है।’’
राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में एन. शेषाद्रिनाथन की नियुक्ति को लेकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की इस आलोचना पर कि वह संघ परिवार के करीबी हैं, शाजी ने कहा कि इस नियुक्ति को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है और अब इस मुद्दे को समाप्त मानना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘वह पहले वकील थे और बाद में न्यायाधीश बने। उनका ऐसा एक भी बयान या कदम दिखाइए जिससे संघ परिवार से उनके संबंध का संकेत मिलता हो। फिर उन्हें इस तरह क्यों पेश किया जा रहा है?’’
शाजी ने कहा कि टोपी पहनने, दाढ़ी रखने, भगवा वस्त्र धारण करने या माथे पर चंदन लगाने जैसे बाहरी धार्मिक प्रतीकों के आधार पर किसी को सांप्रदायिक करार देना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें ‘‘मुस्लिम सांप्रदायिक’’ कहा गया था, लेकिन अब शेषाद्रिनाथन की नियुक्ति का समर्थन करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समर्थक बताया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव काफी दिलचस्प है। अच्छा है।’’
आवारा कुत्तों की समस्या पर शाजी ने कहा कि यह वर्तमान में स्थानीय निकायों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के अनुरूप एक व्यापक कार्ययोजना तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को शामिल करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। इसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।’’
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्थानीय निकायों में अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की निगरानी के लिए एक प्राधिकरण गठित करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि साथ ही तिरुवनंतपुरम में कचरा निस्तारण की समस्या के समाधान के लिए एक नये ‘डंपिंग यार्ड’ बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
भाषा अमित अविनाश
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