Jagdambika Pal News : संसद चलाने में खर्च होते हैं करोड़ों रुपये, सभापति ने किया बड़ा खुलासा, विपक्ष को लगाई जमकर फटकार!

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संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि सदन चलाने में प्रति मिनट लगभग ढाई लाख रुपये खर्च होते हैं और इस तरह का व्यवहार जनता के पैसे की बर्बादी है।

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 09:00 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 09:04 PM IST

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HIGHLIGHTS
  • लोकसभा में भारी हंगामे के कारण कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित।
  • पश्चिम एशिया के सैन्य संघर्ष पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध।
  • पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा—एक मिनट में ढाई लाख रुपये खर्च होते हैं।

नई दिल्ली: Jagdambika Pal News संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में भारी हंगामे के चलते कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष और भारत पर इसके संभावित असर पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने विपक्ष के आचरण पर कड़ी नाराजगी जताई।

“एक मिनट का ढाई लाख खर्च हो रहा है”

लोकसभा में सोमवार को पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी बहस देखने को मिली, बजट सत्र के दौरान भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित करना पड़ा था। सदन में विपक्षी सदस्यों द्वारा की जा रही नारेबाजी के बीच पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सदन के कामकाज पर होने वाले भारी खर्च का हवाला देते हुए कहा:”सदन चलाने में डेढ़ करोड़ प्रति घंटा खर्च होता है। एक-एक मिनट का ढाई लाख रुपया खर्च होता है। एक दिन में 9 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। अपने गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से आप जनता का पैसा बर्बाद कर रहे हैं।”

अविश्वास प्रस्ताव और राजनीतिक एजेंडा

जगदंबिका पाल ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सदन को राजनीतिक एजेंडा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष स्वयं भ्रमित है। पाल ने कहा, “आप सदन को बंधक बनाना चाहते हैं। आप चर्चा भी नहीं करना चाहते और यह भी चाहते हैं कि स्पीकर सदन में न आएं। आप स्पीकर को निशाना बनाकर अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं, लेकिन सदन को नहीं चलने दे रहे हैं।”

क्या था मामला?

सदन में हंगामे की मुख्य वजह विपक्ष द्वारा पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव, ऊर्जा सुरक्षा और वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर तत्काल चर्चा की मांग थी। Jagdambika Pal viral video, हालांकि, सरकार की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस संवेदनशील विषय पर सदन में पहले ही विस्तृत बयान दे दिया था, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष अपने रुख पर अड़ा रहा और सदन में लगातार नारेबाजी करता रहा। विपक्ष के इस अड़ियल रवैये और हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को पहले दो बार संक्षिप्त रूप से रोकना पड़ा, और जब व्यवधान थमने का नाम नहीं ले रहा था तो पीठासीन अध्यक्ष को सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित करते हुए मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए टालना पड़ा।

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लोकसभा की कार्यवाही क्यों स्थगित करनी पड़ी?

बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों द्वारा पश्चिम एशिया के सैन्य संघर्ष पर चर्चा की मांग को लेकर किए गए हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

. जगदंबिका पाल ने सदन के खर्च को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि लोकसभा चलाने में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये प्रति घंटा खर्च होते हैं और एक मिनट का खर्च करीब ढाई लाख रुपये होता है।

विपक्ष किस मुद्दे पर चर्चा चाहता था?

विपक्ष पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव, ऊर्जा सुरक्षा और वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा था।