जैन मुनि तरुण सागर का 51 साल की उम्र में निधन

Ads

जैन मुनि तरुण सागर का 51 साल की उम्र में निधन

  •  
  • Publish Date - September 1, 2018 / 03:00 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:53 PM IST

रायपुर।  जैन मुनि तरुण सागर का 51 साल की उम्र में निधन हो गया। दिल्ली में आज उन्हें समाधि दी जाएगी। बीस दिन पहल उन्हें पीलिया हो गया था। ‘जैन मुनि तरुण सागर’ का असल नाम ‘पवन कुमार जैन’ है।

पढ़ें-संविलियन के बाद दिवंगत के आश्रित को मिलेगा अनुकम्पा नियुक्ति, ग्रेच्युटी, व अर्जित अवकाश का लाभ

कई दिनों से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। मुनिश्री अपने अनुयायियों के साथ दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित राधापुरी जैन मंदिर चातुर्मास स्थल पर ठहरे थे। गुरुवार को भी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें 20 दिन पहले पीलिया की शिकायत के चलते मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कहा जा रहा है कि जैन मुनि ने इलाज कराने से इन्कार कर दिया था और कृष्णा नगर (दिल्ली) स्थित राधापुरी जैन मंदिर चातुर्मास स्थल पर जाने का निर्णय लिया था। 

बताया जा रहा है कि मुनिश्री अपने गुरु पुष्पदंत सागर महाराज की स्वीकृति के बाद संलेखना (आहार-जल न लेना) कर रहे थे। वे जिस कमरे में ठहरे थे, वहां पर सिर्फ जैन मुनियों और शिष्यों को ही जाने की इजाजत थी। 

पढ़ें-43 इंस्पेक्टर्स डीएसपी बनाए गए, 5 उप अधीक्षक के तबादले भी, देखिए पूरी सूची

 इनका जन्म 26 जून 1967, ग्राम गुहजी, जिला दमोह, राज्य मध्य प्रदेश में हुआ था। इनके माता-पिता का नाम श्रीमती शांतिबाई जैन और प्रताप चन्द्र जैन था। कहा जाता है कि इन्होंने 8 मार्च 1981 में घर छोड़ दिया था। इनकी शिक्षा-दीक्षा छत्तीसगढ़ में हुई है। इनके प्रवचन की वजह से इन्हें ‘क्रांतिकारी संत’ का तमगा मिला । इन्हें 6 फरवरी 2002 को म.प्र. शासन द्वारा’ राजकीय अतिथि ‘ का दर्जा मिला। 2 मार्च 2003 को गुजरात सरकार ने उन्हें ‘राजकीय अतिथि’ के सम्मान से नवाजा। ‘तरुण सागर’ ने ‘कड़वे प्रवचन’ के नाम से एक बुक सीरीज स्टार्ट की है, जिसके लिए वो काफी चर्चित रहे।

 

वेब डेस्क, IBC24