जयपुर: मस्जिद में छत निर्माण पर भाजपा विधायक की आपत्ति के बाद विवाद

जयपुर: मस्जिद में छत निर्माण पर भाजपा विधायक की आपत्ति के बाद विवाद

जयपुर: मस्जिद में छत निर्माण पर भाजपा विधायक की आपत्ति के बाद विवाद
Modified Date: February 9, 2026 / 10:45 pm IST
Published Date: February 9, 2026 10:45 pm IST

जयपुर, नौ फरवरी (भाषा) जयपुर के चांदपोल इलाके में एक मस्जिद में छत के निर्माण पर उस समय विवाद खड़ा हो गया जब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने इस पर आपत्ति जताई।

जयुपर के हवामहल सीट से विधायक बालमुकुंदाचार्य ने निर्माण पर आपत्ति जताई और कांग्रेस विधायक अमीन कागजी व रफीक खान पर उन्हें जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

पुलिस उपायुक्त बजरंग सिंह ने बताया कि सब्जी मंडी, संजय सर्किल में इस निर्माण की वैधता की जांच की जा रही है। हालांकि, नगर निगम द्वारा कार्यादेश जारी किया गया था।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

विवाद रविवार को तब शुरू हुआ जब बालमुकुंदाचार्य निर्माण कार्य रोकने के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि उक्त इलाका ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का है और वहां कोई भी नया निर्माण नियमों का उल्लंघन है।

विधायक ने सब्जी मंडी में और गणेश व हनुमान मंदिर के करीब अतिक्रमण के बाद निर्माण किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि वे परकोटा की विरासत के साथ किसी भी छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

किशनपोल से विधायक अमीन कागजी ने भाजपा विधायक के आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि निर्माण के लिए नगर निगम द्वारा कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी किया गया था और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।

कागजी ने दावा किया कि भाजपा विधायक का निर्माणाधीन स्थल पर आना राजनीति से प्रेरित था और इसका मकसद अशांति फैलाना था।

बालमुकुंदाचार्य ने सोमवार को आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने कागजी और रफीक खान पर उन्हें जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

भाजपा विधायक ने दावा किया कि अतिक्रमण और निर्माण इस इलाके पर कब्जा करने और विरासती स्थल को बदलने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है।

उन्होंने कहा, ‘‘रफीक खान परकोटा इलाके में अतिक्रमण करना चाहते हैं और आसपास की इमारतों के स्वरूप को बदलना चाहते हैं।’’

भाषा पृथ्वी धीरज

धीरज


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