गुजरात में जैश आतंकी मॉड्यूल के गिरफ्तार संदिग्ध आईईडी बनाने की कोशिश कर रहे थे :एटीएस

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गुजरात में जैश आतंकी मॉड्यूल के गिरफ्तार संदिग्ध आईईडी बनाने की कोशिश कर रहे थे :एटीएस

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 07:45 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 07:45 PM IST

अहमदाबाद, 17 जुलाई (भाषा) गुजरात में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल से कथित तौर पर संबंध के आरोप में दो दिन पहले गिरफ्तार किये गए पांच संदिग्ध बम बनाने की तकनीक सीख रहे थे और बम धमाके करने की तैयारी कर रहे थे। राज्य आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

गुजरात एटीएस द्वारा कथित जैश मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के कुछ दिनों बाद, 15 जुलाई को राज्य के अलग-अलग जिलों से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। मेहसाणा जिले की काडी अदालत ने बृहस्पतिवार को पांच संदिग्धों को आठ दिन के लिए एटीएस की हिरासत में भेज दिया।

एटीएस के उप महानिरीक्षक (डीआईजी)सुनील जोशी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किए गए मोहम्मद अमीन शेरा से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। उसने बताया कि धमाके की तैयारी में लोगों का एक और समूह उसके साथ काम कर रहा था।’’

गुजरात एटीएस ने बुधवार को अहमदाबाद निवासी और साबरकांठा में जमीयत-उल-उलूम मदरसा में शिक्षित बिलाल शेरा (24), पाटन निवासी और खदियासन में जामिया अबुल हसन मदरसा में छात्र मोहम्मद अय्यूब कडीवाल (22), पाटन निवासी और भरूच में दारुल उलूम मतलीवाला मदरसा में पढ़ाई कर रहे मोहम्मद अय्यूबभाई सुनसारा (20), बनासकांठा निवासी और दाभेल में जामिया इस्लामिया तालीमुद्दीन मदरसा में पढ़ने वाले शफी रईस मुखी (21) और पाटन निवासी व भरूच में दारुल उलूम मतलीवाला मदरसा में पढ़ने वाले मोहम्मद हसन हनीफभाई करदिया (20) को गिरफ्तार किया था।

पूरे प्रकरण की जांच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को गिरफ्तार पांचों लोग-अमीन शेरा, ज़कारिया दुर्रानी, ​​मोहम्मद अम्मार घाघा और अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला (इन तीनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है)—के साथ मिलकर संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी)बनाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा ने उनकी मदद की।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने बम बनाने के तरीके और आईईडी को धमाके के साथ उड़ाने का तरीका सीखने की कोशिश की।

अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों ने ऑनलाइन माध्यम से और स्थानीय बाज़ारों से बारूद बनाने के लिए जरूरी सामान भी खरीदा, जिसमें पोटैशियम नाइट्रेट, सल्फर और चारकोल शामिल थे।

जोशी ने कहा कि आरोपी बम में इस्तेमाल होने वाले तार की गुणवत्ता और विस्फोटक बांधने के लिए इस्तेमाल होने वाले पाइप पर अनुसंधान कर रहे थे।

एटीएस के बयान के मुताबिक ,‘‘ 2023 और फरवरी 2026 के बीच आरोपी ने अलग-अलग जगहों पर धमाके करने के तरीकों और विस्फोटक टाइमर प्रणाली को समझने के लिए आठ बार पूर्वाभ्यास करने की कोशिश की।’’

बयान के मुताबिक, अमीन शेरा ने कथित तौर पर जिहाद को लेकर तकरीरें दीं।

एटीएस ने बताया, ‘‘बिलाल शेरा ने मोहम्मद अमीन शेरा को एक पेन ड्राइव दी, जिसमें कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के जिहाद से जुड़े भाषण, वीडियो और अन्य सामग्रियां थीं।’’

बयान के मुताबिक, सभी आरोपियों ने ‘अकेला मुजाहिद जिहाद कैसे करे’किताब की फोटोकॉपी कराई और उसे पढ़ा, साथ ही तीन ‘भर्ती बैठकें’ करके मदरसे के दूसरे छात्रों को जिहाद में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

एटीएस ने बताया कि उसने दो जुलाई को पहली बार आठ संदिग्धों को गिरफ़्तार किया, जिन्होंने कथित तौर पर ‘‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’’बनाया था।

बयान के मुताबिक, एटीएस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों से जैश का झंडा, मसूद अजहर की लिखी जिहाद से जुड़ी किताबों की मुद्रित प्रति, उसे संबोधित एक पत्र की मुद्रित प्रति और कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाले 1.30 लाख रुपये जब्त किये।

एटीएस ने मामले में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप