नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने व्यापार, शुल्क, ऊर्जा, रक्षा, अहम खनिज और कृत्रिम मेधा (एआई) समेत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर चर्चा के लिए बुधवार को मनीला में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ भेंटवार्ता की।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि दोनों मंत्री अंतरिम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के महत्व पर सहमत हुए, जो ‘लगभग पूरा’ हो चुका है। विभाग ने कहा कि दोनों ने ‘प्रमुख रक्षा समझौतों’ को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा की।
बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘भारत के साथ हमारे संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।’’
जयशंकर और रुबियो ने पश्चिम एशिया संकट और हिंद प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
दोनों देशों के विदेश मंत्री फिलीपीन की राजधानी मनीला में दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) और ‘क्वाड’ (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) समूह के तहत उच्च-स्तरीय चर्चाओं में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा,‘‘हमारी बैठक उन क्षेत्रों पर केंद्रित रही जो भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के लिए प्राथमिकता वाले हैं। उनमें व्यापार, शुल्क, ऊर्जा, सुरक्षा, अहम खनिज और एआई आदि शामिल हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने आपसी हित के क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।’’
रुबियो ने कहा कि उन्होंने और जयशंकर ने व्यापार, रक्षा समझौतों एवं क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा,‘‘हमने क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों, क्वाड, व्यापार और रक्षा समझौतों पर चर्चा की।’’
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि रुबियो और जयशंकर ने पश्चिम एशिया और हिंद प्रशांत में हाल की घटनाओं पर चर्चा की।
उसने कहा, ‘‘अमेरिकी विदेश मंत्री और (भारतीय विदेश) मंत्री जयशंकर ने पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुए वादों को पूरा करने के लिए अहम रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने पर चर्चा की।’’ हालांकि, बयान में कोई खास जानकारी नहीं दी गई।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा ,‘‘अमेरिकी विदेश मंत्री और (भारतीय विदेश) मंत्री जयशंकर इस बात पर सहमत हुए कि अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना महत्वपूर्ण है, जो लगभग पूरा हो चुका है।’’
जयशंकर और रुबियो की यह मुलाकात, फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के एक महीने से भी अधिक समय बाद हुई।
भाषा राजकुमार नरेश
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