जम्मू-कश्मीर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना का महत्वपूर्ण स्तंभ: उत्तरी कमान के कमांडर

जम्मू-कश्मीर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना का महत्वपूर्ण स्तंभ: उत्तरी कमान के कमांडर

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 04:44 PM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 04:44 PM IST

राजौरी/जम्मू, 14 जनवरी (भाषा) सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर न केवल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानव संसाधन और सैन्य परंपरा के लिहाज से भी देश की मूल सुरक्षा संरचना का एक अहम स्तंभ है।

राजौरी में 10वें ‘वेटरन्स डे’ समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सैन्य कमांडर ने सशस्त्र बलों में इस क्षेत्र के योगदान की भी सराहना की। लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर न केवल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानव संसाधन और सैन्य परंपरा के लिहाज से भी देश की मूल सुरक्षा संरचना का एक अहम स्तंभ है।’’

सशस्त्र बलों में क्षेत्र के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 1.5 करोड़ की आबादी वाला जम्मू-कश्मीर भारत के सीमा सुरक्षा बलों में करीब चार से पांच प्रतिशत प्रतिनिधित्व रखता है। उन्होंने कहा, ‘‘सशस्त्र बलों की कुल संख्या के अनुपात में देखें तो यह एक महत्वपूर्ण योगदान है।’’

क्षेत्र की समृद्ध सैन्य विरासत का उल्लेख करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विभिन्न रेजिमेंट परंपराओं में गहराई से रचा-बसा है, जो देशभक्ति और बलिदान की एक विशिष्ट भावना को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर राइफल्स, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री और डोगरा रेजिमेंट जैसी प्रतिष्ठित इकाइयों का हर युद्ध में असाधारण प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर की धरती और यहां के लोगों के लिए गर्व की बात है।’’

सैन्य कमांडर ने बताया कि यह केंद्रशासित प्रदेश लगभग 45,000 पूर्व सैनिकों और 975 ‘वीर नारियों’ का घर है, जो विभिन्न रूपों में आज भी देश की सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अपने अनुशासन और देशभक्ति के माध्यम से हमारे पूर्व सैनिकों ने आपदा प्रबंधन और अन्य नागरिक भूमिकाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे सैन्य-नागरिक समन्वय और अधिक सुदृढ़ हुआ है।’’

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पूर्व सैनिकों की भूमिका को याद करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने कहा कि उनके अनुभव, स्थानीय जानकारी और वीरता ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों का मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

सैन्य कमांडर ने बताया कि 10वें ‘वेटरन्स डे’ समारोह के तहत आठ जनवरी से 14 जनवरी तक उत्तरी कमान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश