नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) निर्यातकों को निकाय फियो ने शनिवार को कहा कि वाणिज्य मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि निर्यात सहायता योजना आरओडीटीईपी के तहत पूर्ण लाभ इस साल एक अप्रैल से बहाल कर दिए जाएंगे।
इससे पश्चिम एशिया संकट के कारण चुनौतियों का सामना कर रहे निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को छोड़कर, सरकार ने 23 फरवरी को निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) योजना के तहत शुल्क लाभ की दर को आधा कर दिया था।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा कि निर्यातकों के लिए अच्छी खबर है। वर्तमान 50 प्रतिशत आरओडीटीईपी दरें केवल 31 मार्च 2026 तक लागू हैं। आरओडीटीईपी दरों की पूर्ण बहाली एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, जिससे निर्यात समुदाय को बहुत जरूरी सहायता मिलनी चाहिए।
यह आश्वासन विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा फियो के साथ एक बैठक में दिया गया था। इससे पहले निर्यातकों ने दरों में कटौती पर निराशा व्यक्त की थी और वाणिज्य मंत्रालय से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।
साल 2021 में शुरू की गई आरओडीटीईपी योजना उन करों, शुल्कों और लेवी की वापसी का प्रावधान करती है जो माल के निर्माण और वितरण की प्रक्रिया में निर्यातकों द्वारा खर्च किए जाते हैं, और जिनकी भरपाई नहीं की जाती है। इस योजना के तहत रिफंड 0.3 प्रतिशत से 3.9 प्रतिशत तक होता है।
भाषा पाण्डेय