जम्मू-कश्मीर: बातचीत विफल रहने के बाद मेडिकल प्रशिक्षुओं ने शुरू की 48 घंटे की भूख हड़ताल

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जम्मू-कश्मीर: बातचीत विफल रहने के बाद मेडिकल प्रशिक्षुओं ने शुरू की 48 घंटे की भूख हड़ताल

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  • Publish Date - September 7, 2026 / 04:13 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 04:13 PM IST

(फोटो के साथ)

श्रीनगर, सात सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेज और दो डेंटल कॉलेजों के चिकित्सा प्रशिक्षुओं ने बढ़े हुए मासिक वजीफे की मांग को लेकर सोमवार से 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की। सरकार के साथ बातचीत विफल रहने के बाद चिकित्सा प्रशिक्षुओं ने यह कदम उठाया। इससे पहले वे सात दिन से हड़ताल पर थे।

प्रदर्शन कर रहे मेडिकल प्रशिक्षु डॉ. फराज ने कहा, ‘‘हमारी हड़ताल अनिश्चितकालीन है। जब तक हमें आधिकारिक आदेश नहीं मिल जाता, यह खत्म नहीं होगी। लेकिन अब हड़ताल शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है। अगर सरकार किसी मुद्दे को गंभीरता से लेती है तो आदेश जारी करने में इतना समय नहीं लगता।’’

उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रशिक्षुओं को सरकार पर लगातार दबाव बनाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। डॉ. फराज ने कहा, ‘‘किसी ने उन्हें मजबूर नहीं किया। प्रत्येक कॉलेज से दो-तीन छात्र आगे आए हैं और भूख हड़ताल पर बैठे हैं।’’

प्रदर्शन कर रहे मेडिकल प्रशिक्षुओं ने कहा कि सरकार लगातार समय मांग रही है, लेकिन वे पहले ही उसे तीन साल का समय दे चुके हैं।

डॉ. फराज ने कहा, ‘‘इसकी सिफारिश 2023 में की गई थी। अगर हम यह भी मान लें कि सरकार ने हड़ताल शुरू होने के बाद ही इस मुद्दे को गंभीरता से लेना शुरू किया, तो भी आठ दिन बीत चुके हैं और अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए अगर वे लगातार यह कहकर केवल मौखिक आश्वासन देते रहेंगे कि ‘हम एक-दो महीने में इस पर विचार करेंगे’, तो अब प्रशिक्षु उनकी बातों पर भरोसा करने वाले नहीं हैं।’’

उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर मेडिकल प्रशिक्षुओं को ‘डराने और धमकाने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम अपने जायज अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर कॉलेज प्रशासन हमें अनुचित तरीकों से चुप कराने की कोशिश करता है तो हम डरने वाले नहीं हैं। हमने कल उन्हें इसका उचित जवाब दिया है।’’

मेडिकल प्रशिक्षु डॉ. मुशर्रफ ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बातचीत जारी रहेगी, इसलिए हम यह नहीं कहेंगे कि यह पूरी तरह विफल रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल हम 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर रहे हैं और इसके बाद स्थिति के अनुसार आगे की रणनीति तय करेंगे।’’

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल