काठमांडू, सात सितंबर (भाषा) ‘रॉकी’ और ‘जंबो’ ने पिछले कुछ दिनों से वह सब कुछ किया है, जो मानव बचाव दल अक्सर नहीं कर पाते हैं। ये प्रशिक्षित श्वान पिछले महीने उत्तरी और मध्य नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के मलबे में सूंघकर मृतकों के शव तलाश रहे हैं।
बेल्जियन शेफर्ड और जर्मन शेफर्ड को उनके संचालकों (हैंडलर) के साथ बाढ़ के दिन (26 अगस्त को) ही रसुवा जिले के तिमुरे और घट्टीखोला में तैनात किया गया था। ‘ऑनलाइनखबर’ समाचार पोर्टल ने सोमवार को बताया कि इन प्रशिक्षित कुत्तों ने अबतक दो शव और शरीर का एक हिस्सा खोजने में बचावकर्मियों की मदद की है।
समाचार पोर्टल के अनुसार, नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभिनारायण काफ्ले ने कहा, ‘‘(इन प्रशिक्षित) कुत्तों को बाढ़ की घटना के बाद ही तैनात कर दिया गया था। वे काफी प्रभावी साबित हुए हैं।’’
छब्बीस अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने रसुवा और आसपास के इलाकों के कुछ हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। बड़ी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण आशंका जताई गई कि कई लापता लोग उसके नीचे दबे हो सकते हैं।
इन कुत्तों को मानव अवशेषों की गंध पहचानने और अपने संचालकों को संकेत देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इसके बाद संचालक उसी स्थान पर तलाश की दिशा तय करते हैं।
मलबे के नीचे दबे शवों का पता लगाने और संकरी जगहों में प्रवेश करने की उनकी क्षमता उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी साबित होती है, जहां बाढ़ के कारण मलबा अस्थिर हो गया है और कई स्थानों तक पहुंचना मुश्किल है।
‘ऑनलाइनखबर’ के अनुसार, खोज एवं बचाव कार्य में प्रशिक्षित रॉकी और जंबो को काठमांडू स्थित नेपाल पुलिस के श्वान कार्यालय से लाया गया था।
खबर के अनुसार, बाढ़ के तीन दिन बाद दो लैब्राडोर -लियो और कालू- को भी उनके संचालकों के साथ काठमांडू से बाढ़ प्रभावित इलाकों के बड़े हिस्से में तलाश के लिए भेजा गया। इन दोनों लैब्राडोर ने बिदुर, अर्चले, शांतिबाजार, मेलुंग हाइड्रोपावर, ढुंगे, देवीघाट, बेत्रावती, भैंसे और बट्टार समेत कई स्थानों पर तलाश की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने मेलुंग हाइड्रोपावर-3बी के कर्मचारी आवास और बट्टार सोलर हाउस में मानव अवशेषों का पता लगाने में मदद की।
एक अन्य दल ने चितवन से जर्मन शेफर्ड डीप्सी को तैनात किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस कुत्ते ने दमौली गोलाघाट में दो शवों का पता लगाने में मदद की।
कुल मिलाकर नेपाल पुलिस के पांच खोजी कुत्ते और 10 संचालक तलाश एवं बचाव अभियान में तैनात किए गए हैं।
सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) ने भी तिमुरे, देवीघाट, बेत्रावती, त्रिशूली बाजार, धादिंग और चितवन समेत प्रभावित इलाकों में सात खोजी कुत्तों को तैनात किया है। इन दलों के साथ 14 संचालक काम कर रहे हैं।
‘ऑनलाइनखबर’ के अनुसार, एपीएफ के प्रवक्ता नेत्र बहादुर कार्की के अनुसार, बल के खोजी कुत्तों ने मलबे में दबे 19 शवों का पता लगाने और उन्हें बरामद करने में मदद की है। ‘ऑनलाइनखबर’ ने बताया कि इसके बाद खुदाई दलों ने प्रशिक्षित कुत्तों द्वारा बताए गए स्थानों से शव बरामद किए।
खबर के अनुसार, नेपाल पुलिस और एपीएफ के कुत्तों ने बाढ़ के बाद अबतक कुल 26 शवों और शरीर के अंगों का पता लगाने में मदद की है।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश