श्रीनगर, एक अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से जुड़े कर्मचारियों ने सेवाओं के नियमितीकरण, वेतन संशोधन और सामाजिक सुरक्षा लाभ की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए बुधवार को 48 घंटे के लिए धरना शुरू किया।
पूरे केंद्रशासित प्रदेश में 48 घंटे का यह विरोध प्रदर्शन जम्मू और कश्मीर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले किया जा रहा है।
एनएचएम के कुछ कर्मचारियों ने यहां प्रेस एन्क्लेव में प्रदर्शन भी किया तथा तत्काल वेतन संशोधन, सेवानिवृत्ति नीति और सामाजिक सुरक्षा लाभों समेत अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
उन्होंने निराशा व्यक्त की कि सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।
जेकेएनएचएम कर्मचारी संघ के मुख्य प्रवक्ता अब्दुल रऊफ ने कहा, ‘‘हमने लगभग आठ दिन पहले इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। शुरुआत में हमने शेर-ए-कश्मीर पार्क में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि सरकार वास्तव में जम्मू और कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है, तो उसे डॉक्टरों समेत एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर अपने वेतन में संशोधन चाहते हैं। हमारी मूल मांग पूरे जम्मू-कश्मीर में एनएचएम कर्मचारियों के वेतन में संशोधन, तत्काल रोजगार नीति लागू करना और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए गोल्डन हैंडशेक की पेशकश किया जाना है।’’
उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी अपनी सेवाओं को नियमित करने की भी मांग कर रहे हैं, लेकिन यदि इसमें समय लग रहा है तो हमारी तत्काल मांग है समान वेतन और वेतन संशोधन लागू किया जाए।
भाषा राजकुमार पवनेश
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