जम्मू, 31 जनवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराने के लिए जारी तलाशी अभियान को शनिवार सुबह हुई मुठभेड़ के बाद एक विशिष्ट क्षेत्र तक सीमित कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, शनिवार तड़के किश्तवाड़ जिले में सेना के जवानों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई।
किश्तवाड़ में पिछले सात महीनों में छह मुठभेड़ हो चुकी हैं और सुरक्षाबल इस क्षेत्र में पाकिस्तान के आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं।
किश्तवाड़ की सीमा डोडा और उधमपुर जिलों से लगती है।
उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने आतंकवाद रोधी ग्रिड की समीक्षा करने के लिए किश्तवाड़ जिले का दौरा किया और जारी प्रयासों में सैनिकों के अटूट संकल्प की सराहना की।
व्हाइट नाइट कोर ने ‘एक्स’ पर कहा, “संयुक्त ‘ऑपरेशन त्राशी-एक’ के दौरान 31 जनवरी को तड़के डोलगाम क्षेत्र में व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की आतंकवादियों से फिर मुठभेड़ हुई।”
सेना ने बताया कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर ऑपरेशन की योजना बनाई गई और इसे अंजाम दिया गया।
सेना के मुताबिक, “घेराबंदी कर ली गई है और अभियान जारी है।”
खबरों के मुताबिक, संयुक्त अभियान दल ने डोलगाम के बर्फ से ढके पहाड़ी इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को देखा, जिसके परिणामस्वरूप मुठभेड़ हुई।
खबरों में कहा गया, एक आतंकवादी के घायल होने की संभावना है और ड्रोन निगरानी में घायल आतंकवादियों के खून के धब्बे दिखाई दिए हैं।
पिछले दो सप्ताह में यह चौथी बार है, जब इस इलाके में आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई है।
बर्फ से ढके चतरू-डोलगाम-दिच्छर क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों के एक समूह को ढूंढकर खत्म करने के लिए पिछले कुछ दिन से आतंकवाद रोधी अभियान जारी है।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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