जम्मू-कश्मीर : शिंदे ने पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति का घर बनवाया, पिता ने जताया आभार

Ads

जम्मू-कश्मीर : शिंदे ने पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति का घर बनवाया, पिता ने जताया आभार

  •  
  • Publish Date - April 20, 2026 / 09:34 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 09:34 PM IST

(जेहरा शफी)

पहलगाम (जम्मू-कश्मीर), 20 अप्रैल (भाषा) पहलगाम आतंकी हमले के एक पीड़ित के परिवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से मिले समर्थन को रेखांकित करते हुए सोमवार को कहा कि उन्होंने न केवल आर्थिक सहायता की बल्कि उनके लिए घर भी बनवाया, जिसके साथ ही पिछले वर्ष हुई त्रासदी के बाद किया गया वादा पूरा हो गया।

पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में पर्यटकों को खच्चर पर सवारी कराने वाले आदिल हुसैन शाह और 25 लोगों की मौत हो गई थी।

आदिल के पिता सैयद हैदर शाह ने बताया कि वह जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा आदिल की पत्नी और छोटे भाई को नौकरी दिए जाने के लिए भी आभारी हैं।

उन्होंने कहा, “हम शिंदे जी के बहुत आभारी हैं। घटना के बाद उन्होंने अपने सहयोगियों को हमारे घर आर्थिक सहायता लेकर और घर बनाने का वादा किया था। उन्होंने घर बनवाकर हमें दे दिया, साथ ही आर्थिक सहायता भी दी।”

शाह ने कहा कि शिंदे की ओर से सहायता केवल शुरुआती मदद तक सीमित नहीं रही।

शाह ने बताया, “उन्होंने हमें श्रीनगर में बैठक के लिए बुलाया, और उनकी टीम अब भी संपर्क में है। उनके एक सहयोगी ने हमसे कहा, ‘हम आपके बेटे जैसे हैं…, मैं भी आपका आदिल हूं।’ इससे हमें साहस मिला।”

हालांकि परिवार को सरकारी सहायता भी मिली है, जिसमें आदिल की पत्नी को नौकरी और आर्थिक मदद शामिल है, फिर भी शाह ने कहा कि कोई भी सहायता इस नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा, “चाहे कुछ भी मिल जाए, वह (आदिल) वापस नहीं आएगा। ”

अपने बेटे की कुर्बानी को याद करते हुए शाह ने कहा कि यह धार्मिक सीमाओं से ऊपर मानवता की मिसाल है।

शाह ने कहा, “उसने अपनी जान की परवाह नहीं की। उसने दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी। उसने हिंदू, मुस्लिम या सिख नहीं देखा। उसने दिखाया कि मानवता पहले है और सभी की रगों में एक ही रक्त बहता है।”

शाह ने कहा कि आदिल की पत्नी को जम्मू-कश्मीर सरकार में स्थायी नौकरी और 5 से 7 लाख रुपये मिले हैं, जबकि उनके छोटे भाई को भी वक्फ बोर्ड में नौकरी मिली है।

भाषा जोहेब रंजन

रंजन