टीवीके प्रमुख विजय की संपत्ति संबंधी खुलासों में विसंगति पर अदालत का आयकर विभाग को नोटिस

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टीवीके प्रमुख विजय की संपत्ति संबंधी खुलासों में विसंगति पर अदालत का आयकर विभाग को नोटिस

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 10:24 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 10:24 PM IST

चेन्नई, 20 अप्रैल (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय के खिलाफ दायर एक याचिका पर सोमवार को आयकर विभाग को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। याचिका में अनुरोध किया गया था कि कर अधिकारियों को 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के नामांकन पत्रों में संपत्ति के कुल मूल्य के “विरोधाभासी” खुलासे की जांच करने का निर्देश दिया जाए।

याचिका में, अभिनेता से नेता बने विजय ने तिरुचिरापल्ली (पूर्व) और पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष दायर किए गए हलफनामों के संबंध में आयकर अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

यह मामला मुख्य न्यायाधीश एस.जे. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुलमुरुगन की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया।

कार्यवाही के दौरान, पीठ ने टिप्पणी की कि दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के बीच संपत्ति मूल्य में लगभग 100 करोड़ रुपये का अंतर दिखाना एक “गंभीर अनियमितता” है।

यह याचिका व्यासार्पडी निवासी और पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता वी. विग्नेश द्वारा दायर की गई है।

याचिकाकर्ता के अनुसार, 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीटों से चुनाव लड़ रहे विजय ने अपने फॉर्म-26 हलफनामे में विरोधाभासी आंकड़े प्रस्तुत किए हैं।

याचिका में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र के लिए दायर हलफनामे में टीवीके नेता ने कुल संपत्ति 115.13 करोड़ रुपये बताई थी। हालांकि, तिरुचिरापल्ली पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के लिए दायर दस्तावेजों में यह मूल्य 220.15 करोड़ रुपये बताया गया है।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक की यह विसंगति तथ्यों का जानबूझकर दबाने और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत सही जानकारी प्राप्त करने के मतदाता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।

प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने आयकर विभाग को कथित विसंगतियों के संबंध में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए टीवीके नेता सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने मामले को पूरी तरह से झूठी जानकारी पर आधारित बताकर खारिज करने की मांग की।

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश