जनकपुरी स्कूल दुष्कर्म मामला: दिल्ली पुलिस ने आरोपी की जमानत रद्द करने की अपील की
जनकपुरी स्कूल दुष्कर्म मामला: दिल्ली पुलिस ने आरोपी की जमानत रद्द करने की अपील की
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में इस महीने की शुरुआत में तीन वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी 57 वर्षीय कर्मचारी की जमानत रद्द करने की दिल्ली उच्च न्यायालय से सोमवार को अपील की।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने पुलिस की याचिका पर आरोपी ललित कुमार को नोटिस जारी किया। पुलिस ने अपनी याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में सात मई को आरोपी को जमानत दी गई थी।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू ने इसे ‘‘गंभीर मामला’’ करार दिया और कहा कि आरोपी को इस अपराध के लिए कम से कम 20 साल की कैद की सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पीड़िता द्वारा उसे अपराधी के रूप में पहचाने जाने के बावजूद निचली अदालत ने गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों के भीतर भी उसे राहत दे दी।
एएसजी राजू ने कहा, ‘‘ तीन साल की बच्ची ने उसकी पहचान कर ली… सात दिनों के भीतर उसे जमानत मिल गई। यह एक गंभीर मामला है।’’
शिकायतकर्ता के वकील ने बताया कि उन्होंने भी एक याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई मंगलवार को होने की संभावना है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 29 मई को तय की और आरोपी का पक्ष जानना चाहा।
यह घटना एक मई को तब सामने आई जब बच्ची की मां ने जनकपुरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने स्कूल के दौरान उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया।
शिकायत के अनुसार बच्ची स्कूल में दाखिले के दूसरे दिन 30 अप्रैल को स्कूल गई थी। घर लौटने पर उसने दर्द की शिकायत की। जब उसकी मां ने उससे पूछताछ की तो बच्ची ने बताया कि उसे स्कूल के एक सुनसान इलाके में ले जाया गया जहां उस व्यक्ति ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
बच्ची की मां की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) (बलात्कार के लिए दंड) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए दंड) के तहत मामला दर्ज किया।
धारा 6 के तहत इस अपराध के लिए कम से कम 20 वर्ष के कठोर कारावास का प्रावधान है, जिसे आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक बढ़ाया जा सकता है।
पुलिस ने बताया कि बच्ची ने आरोपी की पहचान कर ली, जिसके बाद स्कूल के केयरटेकर को एक मई को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हालांकि, अभियोजन पक्ष के कड़े विरोध के बावजूद, द्वारका की एक अदालत ने सात मई को आरोपी को जमानत दे दी। इस मामले में पुलिस ने एक महिला शिक्षिका को भी गिरफ्तार किया है।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा

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