आईयूएमएल पर जयराजन की टिप्पणी उनकी निजी राय : माकपा

Ads

आईयूएमएल पर जयराजन की टिप्पणी उनकी निजी राय : माकपा

  •  
  • Publish Date - April 21, 2022 / 11:11 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:37 PM IST

तिरूवनंतपुरम, 21 अप्रैल (भाषा) केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नवनियुक्त संयोजक ई. पी. जयराजन की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के संबंध में की गयी टिप्पणी को उनकी पार्टी के सहयोगियों ने उनकी निजी राय बताया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव कनम राजेंद्रन ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि एलडीएफ ने अब तक अपने जनाधार के विस्तार या इसमें आईयूएमएल को शामिल करने के बारे में कोई चर्चा नहीं की है और इसलिए जयराजन की टिप्पणियों को उनके व्यक्तिगत विचार के रूप में देखा जाना चाहिए।

राजेंद्रन ने कहा कि पहले एलडीएफ का रुख था कि जो पार्टियां इसे छोड़कर चली गयी हैं, वे वापस आएं लेकिन यह उन पर निर्भर था जिन्होंने इसे छोड़ा था। उन्होंने कहा कि आईयूएमएल नेता पी. के. कुन्हालीकुट्टी ने जयराजन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि लीग संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रमुख भागीदार के तौर पर काम कर रही है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ए विजयराघवन का रुख भी राजेंद्रन के समान ही दिखा। उन्होंने जयराजन की टिप्पणी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा कि माकपा ने मुस्लिम लीग पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और अब तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

जयराजन ने बुधवार को कहा था कि कांग्रेस केरल में मुस्लिम लीग के समर्थन के बिना एक भी सीट नहीं जीत पाएगी और राज्य के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम लीग का महत्वपूर्ण ‘वोट बैंक’ है।

यह पूछे जाने पर कि क्या यूडीएफ से बाहर निकलने पर मुस्लिम लीग को एलडीएफ में समायोजित किया जाएगा, जयराजन ने कहा, “पहले उन्हें आने दें।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “एलडीएफ और उसके जनाधार का विस्तार करना हमारी नीति है।’’

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश