जेपी धोखाधड़ी मामला: ईडी ने पूर्व प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दाखिल की
जेपी धोखाधड़ी मामला: ईडी ने पूर्व प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दाखिल की
नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को जेपी इंफ्राटेक के पूर्व प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ के खिलाफ अभियोग शिकायत दर्ज कराई जो आरोपपत्र के समकक्ष है।
ईडी ने गौड़ को पिछले साल 13 नवंबर को घर खरीददारों के साथ 14,599 करोड़ रुपये की ‘धोखाधड़ी’ से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
एजेंसी की अभियोजन शिकायत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना के समक्ष दायर की गई।
इस बीच, सत्र न्यायालय ने गौड़ की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 17 जनवरी की तारीख तय की है।
ईडी ने आरोप लगाया है कि आवासीय परियोजनाओं के निर्माण और उसे पूरा करने के लिए हजारों घर खरीददारों से एकत्र की गई धनराशि को निर्माण के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया, जिससे खरीददारों के साथ धोखाधड़ी हुई और उनकी परियोजनाएं अधूरी रह गईं।
निदेशालय ने दावा किया कि दो कंपनियों– जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) और जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) ने क्रमशः नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवासीय परियोजनाओं – जेपी विशटाउन और जेपी ग्रीन्स – के निर्माण के लिए 33,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की।
ईडी ने जेपी ग्रुप के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखाओं (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। ये प्राथमिकियां जेपी विशटाउन और जेपी ग्रीन्स परियोजनाओं के घर खरीददरों की शिकायतों पर आधारित हैं। खरीददारों ने कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया है।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश

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