झारखंड: भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन 19वें दिन भी जारी

झारखंड: भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन 19वें दिन भी जारी

झारखंड: भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन 19वें दिन भी जारी
Modified Date: August 12, 2026 / 10:36 am IST
Published Date: August 12, 2026 10:36 am IST

रांची, 12 अगस्त (भाषा) झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों व छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक अपना आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया है।

‘झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी)-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) रिफॉर्म मंच’ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भर्ती प्रणाली में सुधार पर हेमंत सोरेन सरकार के आश्वासनों के बावजूद अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है।

वे जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

इस बीच, ‘झारखंड छात्र न्याय’ के बैनर तले विद्यार्थियों ने सोमवार को राज्य विधानसभा की ओर मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में एक दिवसीय भूख हड़ताल और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

लाठीचार्ज के अलावा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़े थीं और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई छात्र घायल हुए हैं। दूसरी ओर रांची पुलिस ने कहा कि झड़पों में उसके 14 कर्मी घायल हुए हैं।

इस टकराव से राजनीतिक घमासान शुरू हो गया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी बंद रखा।

भाजपा ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार पर प्रदर्शनकारी युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

पार्टी ने आधी रात के आसपास धरना स्थल का दौरा करने वाले सरकारी अधिकारियों की मंशा पर भी सवाल उठाए।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी मंगलवार को विधानसभा की ओर एक अलग मार्च निकाला।

‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ ने मंगलवार शाम को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक ‘मौन जुलूस’ निकाला।

संगठन के नेताओं ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और विरोध प्रदर्शन को तेज करने के लिए जल्द ही नयी रणनीति की घोषणा की जाएगी।

आंदोलन के तहत छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिनमें से दो को तबीयत बिगड़ने पर रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लगभग 10 दिन से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो आपातकालीन वार्ड में भर्ती हैं।

चिकित्सकों ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है, हालांकि बार-बार की गई अपीलों के बावजूद उन्होंने कुछ भी खाने से इनकार कर दिया है। उनके रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी की जा रही है।

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चार अगस्त से भूख हड़ताल शुरू करने वाले पलामू के एक अन्य प्रदर्शनकारी राहुल क्रांति को हालत बिगड़ने के बाद सात अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

डॉक्टरों ने कहा कि उनके स्वास्थ्य संबंधी मानक फिलहाल सामान्य हैं।

सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत हुई, लेकिन इसके बावजूद गतिरोध बरकरार है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीरता की कमी का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दोहराया है कि उनकी सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द कर दी जाएगी।

उन्होंने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मंच में बदलने का भी आरोप लगाया है।

भाषा खारी धीरज

धीरज


लेखक के बारे में