झारखंड: सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का संदिग्ध बम मिलने से जुड़े स्थल का निरीक्षण किया

झारखंड: सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का संदिग्ध बम मिलने से जुड़े स्थल का निरीक्षण किया

झारखंड: सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का संदिग्ध बम मिलने से जुड़े स्थल का निरीक्षण किया
Modified Date: March 23, 2026 / 06:32 pm IST
Published Date: March 23, 2026 6:32 pm IST

जमशेदपुर, 23 मार्च (भाषा) भारतीय सेना के जवानों और झारखंड पुलिस की बम निरोधक टीम ने सोमवार को जमशेदपुर के पास उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां द्वितीय विश्वयुद्ध काल का संदिग्ध बम मिला है।

घाटशिला के अनुमंडल पुलिस अधिकारी अजीत कुमार कुजूर ने बताया कि अधिकारियों ने पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वर्णरेखा नदी के किनारे स्थित इलाके का निरीक्षण किया, ताकि बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। यह इलाका जमशेदपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर है।

झारखंड पुलिस ने बम को निष्क्रिय करने के लिए सेना की मदद मांगी थी।

पूर्वी सिंहभूम (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया था कि रांची के बम पहचान एवं निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) ने पिछले सप्ताह बहरागोड़ा में स्थल का निरीक्षण किया और पाया कि यह बम “सक्रिय” तथा भारी है।

उन्होंने कहा, “बीडीडीएस टीम आईईडी और छोटे विस्फोटकों से निपटने में प्रशिक्षित है, लेकिन इस पुराने बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए सेना की विशेषज्ञता की जरूरत है।”

बीडीडीएस इकाई ने पुलिस को बताया कि यह “बम सामान्य प्रक्रियाओं से निष्क्रिय नहीं किया जा सकता” और इसके लिए उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता है, जो सेना के पास उपलब्ध है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैस सिलेंडर जैसा दिखने वाला यह बम पनिपाड़ा-नागुडसाई क्षेत्र में रेत खनन के दौरान मिला था।

उन्होंने कहा कि वस्तु पर अंकित निशान से यह संकेत मिलता है कि यह कोई पुराना अमेरिका निर्मित बम हो सकता है।

भाषा

राखी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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