रांची, 10 जनवरी (भाषा) झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम लागू किए जाने के विरोध में शनिवार को राज्य में 45 दिवसीय ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान शुरू किया।
रांची में संवाददाताओं से मुखातिब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान के तहत उपवास, जन जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और धरना जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हमने आज सभी जिला मुख्यालयों में संवाददाता सम्मेलन के साथ 45 दिवसीय अभियान की शुरुआत की है। रविवार को पार्टी के नेता और कार्यकर्ता महात्मा गांधी और बीआर आंबेडकर की प्रतिमाओं के सामने एक दिन का उपवास रखेंगे।”
महतो ने बताया, “12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोगों को मनरेगा की जगह नया अधिनियम लाने के केंद्र के फैसले के बारे में जागरूक किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से 30 जनवरी तक वार्ड स्तर पर धरना दिया जाएगा।
महतो ने कहा, “31 जनवरी से छह फरवरी तक जिला स्तर पर ‘मनरेगा बचाओ’ धरना दिया जाएगा। सात फरवरी से 15 फरवरी के बीच राज्य विधानसभा का घेराव किया जाएगा।”
उन्होंने बताया, “अभियान के दौरान, लोगों को मनरेगा के फायदों के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्हें वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत उनसे छीने गए अधिकारों के बारे में भी बताया जाएगा।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए दावा किया कि पार्टी केवल राजनीतिक लाभ के लिए नये कानून का विरोध कर रही है।
भाजपा सांसद विष्णु दयाल राम ने पलामू में संवाददाताओं से कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप वीबी-जी राम जी के साथ ग्रामीण विकास के लिए एक नयी रूपरेखा का निर्माण किया जा रहा है।”
भाषा पारुल देवेंद्र
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