Gwalior HPV Vaccine Case: वैक्सीन लगते ही बिगड़ने लगी बच्चियों की तबियत, सभी इस हाल में अस्पताल दाखिल.. अब परिजनों ने किया चौंकाने वाला दावा

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Gwalior HPV Vaccine Case: जिले से एचपीवी वैक्सीन को लेकर एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जिले के पिछोर इलाके के बारकरी जिगनिया गांव में एचपीवी (HPV) वैक्सीन लगने के बाद पांच बच्चियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

  • Reported By: Nasir Gouri

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  • Publish Date - March 11, 2026 / 01:14 PM IST,
    Updated On - March 11, 2026 / 01:39 PM IST

HPV VACCINE/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • HPV वैक्सीन के बाद बच्चियां बीमार
  • पांच बच्चियों को अस्पताल में भर्ती
  • उल्टी, चक्कर और बुखार की शिकायत

Gwalior HPV Vaccine Case: ग्वालियर: मध्य प्रदेश के Gwalior जिले से एचपीवी वैक्सीन को लेकर एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जिले के पिछोर इलाके के बारकरी जिगनिया गांव में एचपीवी (HPV) वैक्सीन लगने के बाद पांच बच्चियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चियों को देर रात Dabra के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। फिलहाल सभी बच्चियों की हालत ठीक बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि यह बच्चियां पिछोर क्षेत्र के बारकरी जिगनिया गांव की रहने वाली हैं। परिजनों का आरोप है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें बिना पूरी जानकारी दिए और लालच देकर बच्चियों को वैक्सीन लगवा दी। परिवार वालों का कहना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने उनसे कहा था कि बच्चियों को एक योजना के तहत ले जाया जा रहा है, जिससे उन्हें करीब 50 हजार रुपए मिलेंगे और भविष्य में शादी के समय भी मदद दी जाएगी। इसी बात पर भरोसा कर परिजनों से एक फॉर्म पर दस्तखत भी कराए गए और बच्चियों को साथ भेज दिया गया।

HPV Vaccination Campaign: HPV वैक्सीन के बाद बच्चियां बीमार

परिजनों के मुताबिक वैक्सीन लगने के बाद जब बच्चियां घर लौटीं तो उन्होंने परिवार को पूरी जानकारी दी। इसके कुछ समय बाद दोपहर में बच्चियों को अचानक उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए। देर रात बारकरी जिगनिया गांव की रहने वाली अंजलि, पूनम, रजनी, भारती और रेखा को डबरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बच्चियों का प्राथमिक उपचार किया। बताया जा रहा है कि इलाज के बाद सभी बच्चियों की तबीयत में सुधार हो गया और वे अब पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

HPV Vaccine Side Effects: CMHO ने जांच टीम बनाई

इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Dr Sachin Shrivastava ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चियां स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि बच्चियों को उल्टी, बुखार और चक्कर आने की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार करीब एक घंटे तक निगरानी और इलाज के बाद बच्चियों को डिस्चार्ज कर दिया गया। सीएमएचओ ने बताया कि ऐसा क्यों हुआ इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है और शाम तक अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने यह भी कहा कि एचपीवी वैक्सीन पहले भी लगाई जाती रही है। पहले यह वैक्सीन पैसे देकर लगवानी पड़ती थी, लेकिन अब सरकार इसे मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 से 15 साल की किशोरियों को यह टीका लगाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य करीब 8 लाख बच्चियों को यह वैक्सीन लगाने का है, जो सरकारी अस्पतालों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगाया जा रहा है। सीएमएचओ के मुताबिक हर वैक्सीन के कुछ सामान्य साइड इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन अभी तक इस वैक्सीन से गंभीर साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश में एक ही दिन में 50 हजार से ज्यादा बच्चियों को यह वैक्सीन लगाई गई है। फिर भी इस घटना को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है, ताकि सही कारण का पता लगाया जा सके। बता दें कि, प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने अजमेर से 14 साल की लड़कियों के लिए देशव्यापी HPV वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की।

HPV vaccination campaign MP: सुप्रीम कोर्ट में भी वैक्सीन को लेकर हुई सुनवाई

भारत के Supreme Court of India ने कोविड वैक्सीनेशन से जुड़ी याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से प्रभावित लोगों के लिए “नो-फॉल्ट कंपनसेशन पॉलिसी” तैयार की जाए। जस्टिस Vikram Nath और Sandeep Mehta की बेंच ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को दवा या वैक्सीन से नुकसान होता है तो उसे मुआवजा मिल सके, भले ही किसी की गलती साबित न हो। यह फैसला 2021 में रचना गंगू और वेणुगोपालन गोविंदन द्वारा दायर याचिका पर आया, जिसमें उनकी बेटियों की मौत कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से होने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि वैक्सीनेशन के साइड इफेक्ट्स की निगरानी के लिए जो मौजूदा सिस्टम है वही जारी रहेगा और अलग से एक्सपर्ट पैनल बनाने की जरूरत नहीं है। याचिका में कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर भी सवाल उठाए गए थे, जिसे Serum Institute of India ने AstraZeneca के फॉर्मूले पर तैयार किया था।

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