झारखंड : कोडरमा में अवैध अभ्रक खदान धंसने से चार मजदूरों की मौत, दो घायल

झारखंड : कोडरमा में अवैध अभ्रक खदान धंसने से चार मजदूरों की मौत, दो घायल

झारखंड : कोडरमा में अवैध अभ्रक खदान धंसने से चार मजदूरों की मौत, दो घायल
Modified Date: November 29, 2022 / 07:49 pm IST
Published Date: January 22, 2021 7:19 pm IST

कोडरमा, 22 जनवरी (भाषा) झारखंड के कोडरमा जिले में डुमरियाटांड़ फुलवरिया के समीप स्थित घने जंगलों के बीच ‘अवैध रूप से’ संचालित अभ्रक खदान के बृहस्पतिवार को धंस जाने से छह मजदूर दब गए। इनमें चार मजदूरों की मौत हो गयी जबकि दो मजदूर घायल अवस्था में मलबे में से निकाल लिये गये।

कोडरमा के उपायुक्त रमेश घोलप ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कल देर शाम हुई इस दुर्घटना में कुल छह लोग खदान धंसने से मलबे में फंस गये थे। इनमें से दो को ग्रामीणों ने रात्रि में ही घायल हालत में बाहर निकाल लिया था जिससे उनकी जान बच गयी लेकिन शेष चार मलबे में फंसे रह गये और आज घने जंगल में स्थित खदान में पोकलेन मशीन से खुदाई कर एक महिला समेत चार मजदूरों के शव बाहर निकाले गये।

उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने पुष्टि की कि खदान में कुल छह लोग ही फंसे थे और अब इसमें और किसी के फंसे होने की संभावना नहीं है।

इस बीच कोडरमा के पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकारिब ने बताया, ‘‘पहले प्राप्त रिपोर्ट में अवैध खदान में कम से कम आठ लोगों के दबने की आशंका जतायी गयी थी लेकिन बाद में स्थानीय लोगों ने पुष्टि की कि आधा दर्जन लोग ही इस दुर्घटना में मलबे में दबे थे। इन आधा दर्जन लोगों में से दो को कल शाम ही ग्रामीणों ने मलबे से बाहर निकाल लिया था जबकि चार के शव आज मलबे से बाहर निकाले गये।’’

उन्होंने बताया कि चार मजदूरों के शव निकाले जाने के बाद राहत एवं बचाव कार्य बंद कर दिया गया है क्योंकि वहां और किसी के फंसे होने की अब आशंका नहीं है।

इस दुर्घटना में मृतकों की पहचान फुलवरिया निवासी 35 वर्षीया कौशल्या देवी, बरसोतियाबर निवासी 50 वर्षीय लखन दास, 60 वर्षीय चन्दर दास और पूरनानगर निवासी 50 वर्षीय महेंद्र दास के रूप में की गयी है। वहीं डुमरियाटांड़ निवासी 25 वर्षीय राजेश घटवार और 30 वर्षीय संजय घटवार घायल हो गए।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कोडरमा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

भाषा सं. इन्दु जोहेब नीरज

नीरज


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