झारखंड: अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 12 बच्चों को बचाया गया

झारखंड: अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 12 बच्चों को बचाया गया

झारखंड: अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 12 बच्चों को बचाया गया
Modified Date: January 18, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: January 18, 2026 10:21 pm IST

रांची, 18 जनवरी (भाषा) झारखंड पुलिस ने रविवार को एक अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए राज्य के विभिन्न जिलों से अगवा किए गए 12 बच्चों को ढूंढ निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने महिलाओं सहित गिरोह के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया और करीब दो दर्जन संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया, “विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक 12 बच्चों को ढूंढ निकाला, जिन्हें राज्य के विभिन्न जिलों से एक सक्रिय अंतरराज्यीय बाल अपहरण गिरोह ने अगवा किया था।”

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उन्होंने बताया कि बचाए गए बच्चों में 10 लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र चार से 12 साल के बीच है।

रंजन ने संवाददाताओं को बताया कि गिरोह के 13 सदस्यों को बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया, “मामले की जांच जारी है।”

पुलिस के अनुसार, बचाए गए बच्चों का अपहरण रांची, बोकारो, धनबाद, चाईबासा और लातेहार जिलों से किया गया था।

उसने बताया कि सभी बच्चों को धुर्वा थाने लाया गया और उनकी पहचान करने व उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए डीएनए परीक्षण की व्यवस्था की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि ‘गुलगुलिया गिरोह’ के नाम से जाना जाने वाला यह गिरोह पिछले 10 साल से बच्चों के अपहरण में शामिल था।

यह गिरोह बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में सक्रिय है। पुलिस के अनुसार, ‘गुलगुलिया गिरोह’ मुख्य रूप से गरीब परिवारों के बच्चों को निशाना बनाता था, क्योंकि उनके माता-पिता अक्सर कानूनी जानकारी से वंचित होते हैं और पुलिस से संपर्क करने में असमर्थ होते हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह दो बच्चों को बेचना चाहता था, लेकिन पुलिस की ओर से समय रहते की गई कार्रवाई के कारण उसकी साजिश नाकाम हो गई।

रांची पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) को लापता भाई-बहन को बरामद करने के कुछ दिनों बाद यह सफलता मिली है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो जनवरी को लापता हुए बच्चों को 14 जनवरी को रामगढ़ जिले के चितरपुर से सुरक्षित ढूंढ निकाला गया।

भाषा जितेंद्र पारुल

पारुल


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