झारखंड: आरपीएफ ने मानव तस्करी की कोशिश नाकाम की, दो लड़कियों को मुक्त कराया

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झारखंड: आरपीएफ ने मानव तस्करी की कोशिश नाकाम की, दो लड़कियों को मुक्त कराया

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  • Publish Date - February 25, 2026 / 07:55 PM IST,
    Updated On - February 25, 2026 / 07:55 PM IST

रांची, 25 फरवरी (भाषा) रांची रेलवे पुलिस ने बुधवार को दो लड़कियों को मुक्त कराया, जिन्हें घरेलू सहायिका के तौर पर काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के रांची रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद, सोमवार को चलाये गए जांच अभियान के दौरान 40-वर्षीय एक महिला से पूछताछ की गई।

रेलवे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिला की पहचान दिल्ली के अगर नगर स्थित किराड़ी निवासी रेशमा देवी के रूप में हुई।

उन्होंने बताया कि झारखंड के गुमला पुलिस थाने में महिला के खिलाफ अपहरण, बलात्कार, मानव तस्करी और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं।

रांची रेलवे पुलिस थाने के उपनिरीक्षक सोहन लाल ने बताया, ‘‘सोमवार रात ट्रेन में चलाये गए जांच अभियान के दौरान हमने दो लड़कियों को मुक्त कराया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जब उनसे उनके गंतव्य के बारे में पूछा गया, तो लड़कियां स्पष्ट जवाब नहीं दे पाईं और बताया कि वे उस महिला के साथ दिल्ली जा रही हैं। पूछताछ करने पर महिला ने दावा किया कि वह उन्हें घरेलू सहायिका के तौर पर काम दिलाने के लिए ले जा रही है।’’

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) चौकी पर तैनात एक महिला उपनिरीक्षक द्वारा की गई विस्तृत पूछताछ के दौरान, आरोपी महिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह लड़कियों को दिल्ली ले जा रही थी और उन्हें 14,000 रुपये से 15,000 रुपये प्रतिमाह के वेतन पर घरेलू सहायिका का काम दिलाने का वादा किया है।

पूछताछ के दौरान महिला ने यह भी बताया कि उसे इसके एवज में प्रत्येक लड़की पर 2,000 रुपये से 3,000 रुपये प्रतिमाह का कमीशन मिलता है।

महिला ने स्वीकार किया कि वह पहले भी झारखंड से कई लड़कियों को दिल्ली ले गई है। यह भी सामने आया कि उसके खिलाफ पांच दिसंबर 2023 को गुमला पुलिस थाने में अपहरण, बलात्कार, मानव तस्करी और पॉक्सो अधिनियम से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

महिला को कोतवाली पुलिस थाने की मानव तस्करी-रोधी इकाई को सौंप दिया गया है।

दोनों लड़कियों को बालिका गृह भेजा गया है।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश