रांची, 29 सितंबर (भाषा) झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि. कुमार ने मंगलवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 30 सितंबर को समाप्त हो जाएगी।
कुमार ने कहा कि हालांकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने नोटिस जारी करने और सत्यापन की प्रक्रिया के लिए समयसीमा बढ़ाने का प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए निर्वाचन आयोग एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा पहले ही दो बार बढ़ा चुका है। अब समयसीमा को और बढ़ाने पर विचार नहीं किया जा रहा है। अब ध्यान प्राप्त हुए भौतिक प्रपत्रों और उनके डिजिटलीकरण पर होगा।’’
उन्होंने कहा कि फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के आवेदन प्राप्त करने की समयसीमा 30 सितंबर को समाप्त हो जाएगी।
सीईओ कुमार ने कहा, ‘‘हमने नोटिस जारी करने और सत्यापन की अवधि बढ़ाने के लिए आयोग को प्रस्ताव भेजा है।’’
उन्होंने बताया कि शुरुआत में नाम हटाए जाने के खिलाफ दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि पांच अगस्त से चार सितंबर तक थी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सात अक्टूबर को प्रस्तावित था।
बाद में निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी थी और संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख को बढ़ाकर 19 अक्टूबर कर दिया था।
इसके बाद समयसीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया, जबकि संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 19 अक्टूबर ही रखी गई।
सीईओ ने राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बैठक भी की।
उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की, ताकि एसआईआर-2026 प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाया जा सके।
कुमार ने बताया कि सोमवार तक फॉर्म-6 के तहत करीब 6.32 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि फॉर्म-7 के तहत 11,732 आपत्तियां और फॉर्म-8 के तहत 4.27 लाख आवेदन मिले हैं।
निर्वाचन आयोग ने पांच अगस्त को झारखंड में मसौदा मतदाता सूची जारी की थी, जिसमें 43.61 लाख नाम हटाए गए थे।
एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में कुल 2.64 करोड़ मतदाता थे। इस प्रक्रिया के बाद जारी मसौदा मतदाता सूची में 2.21 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जिनमें 1.12 करोड़ पुरुष, 1.08 करोड़ महिलाएं और 260 तृतीय लिंग के मतदाता हैं।
भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश
अविनाश