झारखंड: हाथी के आतंक के कारण छतों पर सो रहे ग्रामीण
झारखंड: हाथी के आतंक के कारण छतों पर सो रहे ग्रामीण
चाईबासा, 15 जनवरी (भाषा) झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कई गांवों में लोग एक हमलावर हाथी से बचने के लिए छतों पर सो रहे हैं और रात में पहरा दे रहे हैं। इस हाथी ने अब तक 20 लोगों की जान ले ली है।
हाथी के हमले से 13 वर्षीय जयपाल सिंह मेराल सबसे अधिक प्रभावित है। बरबरिया गांव के मेराल ने इस महीने की शुरुआत में हाथी के हमले में अपने लगभग पूरे परिवार को खो दिया। ग्रामीणों के अनुसार, इस दुखद घटना से सदमे में आए सातवीं कक्षा के छात्र ने खाना, बोलना और स्कूल जाना बंद कर दिया है।
मेराल ने छह जनवरी की रात को अपने पिता सनतन मेराल, मां जोलोको कुई, छोटी बहन दम्यंती और छोटे भाई मुंगदू को हाथी के हमले में खो दिया, जब हाथी ने उन्हें कुचलकर मार डाला। उसकी छोटी बहन सुषिला के पैर की हड्डी में फ्रैक्चर आया है और वह नोआमुंडी अस्पताल में भर्ती है।
मेराल के मामा तुपरा लगुरी ने कहा, “वह बिल्कुल चुप हो गया है। हमें उसे खाने के लिए मनाना पड़ता है। उसने पूरी घटना देखी है।”
मेराल अब नोआमुंडी ब्लॉक के बरबरिया गांव में अपने मामा के साथ रह रहा है।
मझगांव ब्लॉक के बेनीसागर गांव में खरपोस पंचायत के मुखिया प्रताप चंद्र चट्टार ने ग्रामीणों को सुरक्षा उपायों के बारे में बताया।
चट्टार ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘हमें ‘वन मित्र’ ने बताया कि हाथी बेनीसागर और ओडिशा के मयूरभंज जिले के जंगलों के बीच घूम रहा है। वह कभी भी गांव में घुस सकता है।’
पंचायत में सिर्फ़ तीन पक्के घर होने की वजह से, शाम होते ही ग्रामीण वहीं एकत्र हो जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘लोग छतों पर पुआल बिछाकर तिरपाल के नीचे सोते हैं।।
उन्होंने बताया कि वन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हाथी घरों को निशाना बनाता है।
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश

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