नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि जून में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीआरएमसी) पर जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) का 35,828 करोड़ रुपये का मूलधन बकाया था और दिल्ली मेट्रो ने अपने परिचालन राजस्व से लगभग 9,948.09 करोड़ रुपये चुका दिए हैं।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने उच्च सदन में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में, केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा जारी कुल राशि (इक्विटी, अनुदान और अधीनस्थ ऋण के रूप में) क्रमशः 6,604.37 करोड़ रुपये और 6,155.44 करोड़ रुपये है।
मंत्री ने कहा कि मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से जून 2026 तक जापानी एजेंसी का मूलधन बकाया 35,828 करोड़ रुपये है। यह ऋण दिल्ली मेट्रो के विभिन्न चरणों के कार्यान्वयन के लिए है।
साहू ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि किराया का निर्धारण मेट्रो रेलवे (परिचालन और रखरखाव) कानून, 2002 के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि किराया निर्धारित करते समय यात्रियों के सामर्थ्य (किराया चुकाने की क्षमता) को ध्यान में रखा जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो ने यह भी बताया है कि किफायती किराया ढांचा सुनिश्चित करने के लिए अन्य स्रोतों से आमदनी बढ़ाने के उपाय किए गए हैं।
भाषा अविनाश सुरेश
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