जम्मू-कश्मीरः मजदूर के बेटे, दृष्टिबाधित जेएनयू स्नातक ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की

जम्मू-कश्मीरः मजदूर के बेटे, दृष्टिबाधित जेएनयू स्नातक ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की

जम्मू-कश्मीरः मजदूर के बेटे, दृष्टिबाधित जेएनयू स्नातक ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की
Modified Date: March 7, 2026 / 08:13 pm IST
Published Date: March 7, 2026 8:13 pm IST

श्रीनगर, सात मार्च (भाषा) यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2025 के परिणाम जम्मू-कश्मीर के लिए भी गौरव के पल लेकर आए क्योंकि मजदूर के बेटे व दृष्टिबाधित जेएनयू स्नातक ने इसमें बेहतर प्रदर्शन किया और अपनी इस सफलता से वह युवाओं के प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं।

उत्तरी कश्मीर जिले के नैदखाई क्षेत्र के मंज़पोरा निवासी इरफान अहमद लोन फिलहाल जेकेएस अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

बचपन में स्कूल में हुए एक हादसे में लोन ने एक आंख गंवा दी थी, लेकिन उन्होंने अपना हौसला नहीं हारा।

सिविल सेवा परीक्षा में लोन ने अखिल भारतीय स्तर पर 957वीं रैंक हासिल की है।

लोन ने देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टिबाधित व्यक्तियों के सशक्तिकरण संस्थान से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में राजनीति विज्ञान का अध्ययन किया।

उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की प्रोबेशनरी ऑफिसर परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्तमान में लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

लोन के मित्र, परिवार और पड़ोसियों ने उसकी इस सफलता को कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम करार दिया है।

लोन के चचेरे भाई फ़िरोज अहमद ने कहा, ‘उनकी यात्रा दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और एकाग्रता के साथ, सबसे चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को भी प्राप्त किया जा सकता है।’

लोन के एक पड़ोसी ने बताया कि उनके (लोन के) पिता दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे और उन्होंने कभी भी परिवार की आर्थिक स्थिति को अपने बेटे की शिक्षा के आड़े नहीं आने दिया।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश


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