जेएलएफ वैलाडोलिड 11- 14 जून तक; भारत और स्पेन की साहित्य एवं सांस्कृतिक समरसता का जश्न

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जेएलएफ वैलाडोलिड 11- 14 जून तक; भारत और स्पेन की साहित्य एवं सांस्कृतिक समरसता का जश्न

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 05:02 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 05:02 PM IST

नयी दिल्ली, 25 मई(भाषा) जयपुर साहित्योत्सव के चौथे स्पेन संस्करण का आयोजन वैलाडोलिड में 11 से 14 जून तक किया जाएगा और इस बार इसमें साहित्य के साथ ही संगीत, योग और ध्यान को केंद्र में रखा जाएगा। आयोजकों द्वारा जारी एक बयान में यह जानकारी दी गयी।

जेएलएफ वैलाडोलिड आयोजन में इस साल भारत और स्पेन के कूटनीतिक और सांस्कृतिक रिश्तों के सत्तर साल पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा जिसमें साहित्य, कला और संस्कृति के ज़रिए दशकों पुराने संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जतायी जाएगी।

स्पेन की राजधानी मैड्रिड से ट्रेन से एक घंटे की दूरी पर स्थित वैलाडोलिड में हो रहे इस साहित्योत्सव में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी के साथ-साथ जीत थायिल, जुआन मैनुअल डी प्रादा, मिरियम रेयेस, अलवर हिनोजल, जॉर्ज वोल्पी, तारा मेनन, मार्टा रोबल्स और विलियम डेलरिम्पल जैसी साहित्य, संस्कृति, विरासत और खानपान की समृद्ध परंपरा से जुड़ी जानी मानी हस्तियां शामिल होंगी।

जेएलएफ, वैलाडोलिड 2026 की आयोजक टीमवर्क ने यहां जारी एक बयान में यह जानकारी दी।

बयान में कहा गया है कि स्पेन का जेएलएफ वैलाडोलिड, दो फूलती-फलती संस्कृतियों के लेखकों, कवियों और विचारकों को अंग्रेजी और स्पैनिश, दोनों भाषाओं में एक ज़बरदस्त साहित्यिक, कलात्मक और भाषाई बातचीत के ज़रिए जोड़ता है।

वैलाडोलिड में दुनिया के सबसे अच्छे भारतीय सांस्कृति केंद्रों में से एक, कासा डे ला इंडिया है। यह शहर अपनी सांस्कृतिक विरासत और खाने-पीने की चीज़ों के लिए भी मशहूर है और इसे साहित्य के शहर के तौर पर भी जाना जाता है।

साहित्य उत्सव का उद्घाटन सत्र मैड्रिड में आईई स्कूल आफ आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटीज में होगा जबकि बाकी सत्र वैलाडोलिड में आयोजित किए जाएंगे जिनमें आमंत्रित अतिथियों के लिए अबादिया रेतुएर्ता में एक विशेष समापन समारोह होगा।

जेएलएफ स्पेन के बारे में टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर, संजय के. रॉय ने कहा,‘‘जेएलएफ वैलाडोलिड, स्पेन, भारत और स्पेन के बीच विचार, साहित्य और कलात्मक आदान प्रदान का एक शानदार मंच बन गया है लेखकों, विचारकों और दर्शकों को एक साथ लाता है।

बयान के अनुसार, इस बार साहित्योत्सव में साहित्य के साथ ही, संगीत, वैचारिक कार्यशालाएं, नृत्य, योग और ध्यान पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हैरिटेज टूर, वाइन ट्रेल्स और स्थानीय भोजन भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

भाषा नरेश

नरेश माधव

माधव