झामुमो ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने की मांग की

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झामुमो ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने की मांग की

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 10:31 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 10:31 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई को सरकार की मानसिकता प्रदर्शित करने वाला कदम करार देते हुए मंगलवार को पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की।

झामुमो के विजय कुमार हंसदा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के दबाव में सरकार झुक तो गई, लेकिन अब भी उसकी मंशा पर संदेह हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर एके 47, पैलेट गन एवं आंसू गैस के गोले के इस्तेमाल करने वाली सरकार को भला किस नजरिये से देखा जा सकता है।

हंसदा ने कहा कि नीट के आयोजन की विफलता को प्रश्नपत्र लीक के तौर पर देश-दुनिया ने देखा और जनता ने इसका विरोध किया, लेकिन उन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मोदी सरकार के कदम उसकी मानसिकता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने नीट मामले में भले ही शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन इससे बात खत्म नहीं होती, क्योंकि यह इस्तीफा केवल नीट के आयोजन में विफलता के लिए था।

उन्होंने कहा कि अब जनता जागरूक हो चुकी है और सरकार को अपने किये के लिए माफी मांगनी चाहिए।

झामुमो सदस्य ने प्रदर्शनकारियों पर हुए पैलेट गन के इस्तेमाल पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि पैलेट गन और आंसू गैस के गोले के इस्तेमाल पर रोक लगाई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्री (अमित शाह) और प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते।

भाकपा (माले) लिबरेशन के राजाराम सिंह ने विधेयक को शिक्षा के बाजारीकरण और भगवाकरण तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) तीनों का एक मिश्रित पैकेज बताया।

सिंह ने कहा कि सरकार इस विधेयक के जरिये शिक्षा के बाजारीकरण एवं भगवाकरण का प्रयास कर रही है तथा एनटीए जैसी एजेंसी इसमें अहम भूमिका निभा रही है।

उन्होंने सरकार को आगाह किया कि अब निचले वर्ग के लोग भी जागरूक हो गये हैं तथा उन्हें भी अब अपने बच्चों को आगे बढ़ाना है, इसलिए सरकार को सतर्क हो जाना चाहिए।

उन्होंने इस विधेयक के बारे में कहा कि यह तो ऐसा है जैसे दिल का दौरा पड़े मरीज को इलाज के नाम पर केवल मरहम-पट्टी की जा रही हो।

राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के चंदन चौहान ने नीट मामले में विपक्ष पर जनता के बीच यह भ्रम फैलाने का आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी है, जबकि सच्चाई यह थी कि मोदी सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए परीक्षा रद्द की तथा अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, बहुत ही कम समय में दोबारा नीट की सफल परीक्षा आयोजित की गयी और अभ्यर्थियों का एक साल बर्बाद होने से बचा लिया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के के. सुब्रारायण और विदुथलाई चिरूथईगल काची के डॉ. थोल तिरुमावलन ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।

भाषा सुरेश सुभाष

सुभाष