जेएनयू ने संकाय में भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया व समावेशी पदोन्नति सुनिश्चित की: कुलपति

जेएनयू ने संकाय में भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया व समावेशी पदोन्नति सुनिश्चित की: कुलपति

जेएनयू ने संकाय में भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया व समावेशी पदोन्नति सुनिश्चित की: कुलपति
Modified Date: January 12, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: January 12, 2026 5:43 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने सोमवार को कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक उत्कृष्टता को बहाल करते हुए ऐतिहासिक रूप से संकाय में भर्ती के काम को पूरा किया है और समावेशी एवं पारदर्शी पदोन्नति प्रक्रिया अपनाई है।

कुलपति ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने 70 करोड़ रुपये का कोष जुटाया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह में पंडित ने कहा कि 1969 में अपनी स्थापना के बाद से जेएनयू का विस्तार 14 स्कूलों, नौ विशेष केंद्रों और विभिन्न अन्य कार्यक्रमों तक हो गया है।

कुलपति ने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय में अब 80 पीएचडी कार्यक्रम, 49 स्नातकोत्तर कार्यक्रम, 13 स्नातक कार्यक्रम, सात प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, तीन डिप्लोमा और एक स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम चल रहे हैं।’’

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उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में लगभग 9,100 छात्र हैं और इस वर्ष प्रवेश लेने वालों की संख्या 3,000 से अधिक है।

केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि उसकी विभिन्न नीतियों के कारण जेएनयू में पर्याप्त विविधता है। उन्होंने कहा, ‘‘सीयूईटी, एनईपी और जेआरएफ के चलते हमारे परिसर में 15 राज्यों के छात्र पढ़ रहे हैं। आरक्षित श्रेणी की सभी सीट भर चुकी हैं और आरक्षित श्रेणी के लिए कट-ऑफ सामान्य श्रेणी के बराबर है।’’

पंडित ने कहा कि जेएनयू देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में से एक है और इसने ‘राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद’ (नैक) प्रत्यायन का तीसरा चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसमें इसे ‘ए++’ ग्रेड प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में अपनी रैंकिंग 10 से बढ़ाकर 9 कर ली है।’’

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है और शुल्क के मामले में सबसे किफायती विश्वविद्यालय है।

उन्होंने कहा कि जेएनयू भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है और इस विषय पर सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक का आयोजन कर चुका है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने सभी पाठ्यक्रमों में भारतीय सभ्यतागत ज्ञान और शिक्षण संबंधी ज्ञान का उपयोग किया है तथा विश्वविद्यालय ने भारतीय भाषाओं पर विशेष ध्यान दिया है।’’

कुलपति ने घोषणा की, ‘‘जैन व्यापारियों ने एकजुट होकर जैन चेयर के लिए 10 करोड़ रुपये का दान दिया है।’’ उन्होंने यह भी बताया कि जेएनयू के इतिहास विभाग में एक मौखिक इतिहास अनुभाग भी है।

कुलपति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जेएनयू में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने पदभार संभाला था, तब 19 प्रतिशत महिलाएं थीं। आज शीर्ष नेतृत्व से जुड़े पदों पर 27 प्रतिशत महिलाएं हैं।’’

कुलपति ने कहा कि जेएनयू के 10 आधार स्तंभ हैं जिनमें लोकतंत्र, विकास, विचार-विमर्श, चर्चा, वाद-विवाद, विविधता, भिन्नता, असहमति, विकेंद्रीकरण और धर्म शामिल हैं।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


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