जोतिमणि ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन में अनियमितताओं का आरोप लगाया
जोतिमणि ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन में अनियमितताओं का आरोप लगाया
चेन्नई, 29 मई (भाषा) कांग्रेस सांसद एस जोतिमणि ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि 23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन क्षेत्रों के आवंटन और पार्टी उम्मीदवारों के चयन में ‘‘बड़े पैमाने पर अनियमितताएं’’ हुईं।
जोतिमणि ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और पहले से ही चयनित उम्मीदवारों के लिए उपयुक्त निर्वाचन क्षेत्रों की मांग की गई और उन्हें आवंटित किया गया।
करूर से सांसद ने कहा, ‘‘‘सर्वेक्षण’ की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। जो वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता दशकों से पार्टी की सेवा कर रहे थे और जिनके जीतने की वास्तविक संभावना थी, उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया जबकि कई नए लोगों और ऐसे उम्मीदवारों जिनकी चुनावी संभावना बहुत कम या नहीं के बराबर थी, उन्हें अवसर दिए गए और यह सब उनके लिए विशेष रूप से निर्वाचन क्षेत्रों का चयन करके किया गया।’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर पूछा, ‘‘जिन लोगों को चुनाव लड़ने का मौका दिया गया था, उनमें से कुछ ने या तो पार्टी छोड़ दी या चुनाव के कुछ दिनों बाद निष्क्रिय हो गए। इन व्यक्तियों को ये अवसर किसने दिए? उन्हें किस आधार पर चुना गया? इन गलतियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?’’
निर्वाचन क्षेत्र आवंटन और उम्मीदवार चयन की जांच किए बिना चुनाव के दौरान कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों की जांच के लिए केवल एक समिति का गठन करना वास्तव में गलत काम के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की एक व्यवस्था थी।
जोतिमणि ने कहा, ‘‘निर्वाचन क्षेत्र के आवंटन और उम्मीदवार चयन से संबंधित समिति की अध्यक्षता तमिलनाडु के प्रभारी गिरीश चोडनकर कर रहे थे। कांग्रेस पार्टी के नियमों के अनुसार उस समिति के खिलाफ लगे आरोपों की जांच केवल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ही कर सकती है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों को ऐसी जांच करने का अधिकार नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस वाकई में खुद को सुधारना चाहती है तो उसे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रक्रिया की उचित जांच करानी होगी। अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। तभी पार्टी कार्यकर्ताओं का विश्वास बहाल हो सकता है।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा

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