मीडियाकर्मियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पर पत्रकार संगठनों ने राहुल गांधी की निंदा की

मीडियाकर्मियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पर पत्रकार संगठनों ने राहुल गांधी की निंदा की

मीडियाकर्मियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पर पत्रकार संगठनों ने राहुल गांधी की निंदा की
Modified Date: February 12, 2026 / 10:42 pm IST
Published Date: February 12, 2026 10:42 pm IST

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) मीडियाकर्मियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने पर दो पत्रकार संगठनों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बृहस्पतिवार को निंदा की और कहा कि राजनीतिक नेताओं को पत्रकारों के प्रति “सम्मानजनक भाषा” का प्रयोग करना चाहिए।

पत्रकार संगठनों की प्रतिक्रिया तब आई जब गांधी ने संसद भवन परिसर में मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें अपने काम में निष्पक्ष रहना चाहिए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से पत्रकारों ने कहा कि सदन में केंद्रीय बजट पर उनके हालिया भाषण को लेकर सत्ता पक्ष उनके खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस लाने पर विचार कर रहा है, ऐसे में उनकी क्या प्रतिक्रिया है।

इस सवाल के जवाब में गांधी ने कहा, “आप पूरी तरह से भाजपा के कर्मचारी नहीं हैं। कम से कम, थोड़ा बहुत तो निष्पक्ष होकर काम करने की कोशिश कीजिए। यह वाकई शर्मनाक है। हद से ज्यादा। क्या आपको ऐसा नहीं लगता?”

गांधी ने कहा, “आप जिम्मेदार लोग हैं। आप मीडियाकर्मी हैं। निष्पक्ष रहना आपकी जिम्मेदारी है। आप सिर्फ उनकी कही हुई बातों को यूं ही नहीं मान सकते। हैं न? हर रोज आप उस पर अपना पूरा शो नहीं चला सकते। आप देश सेवा नहीं कर रहे हैं।”

पत्रकारों के साथ गांधी के “व्यवहार” की निंदा करते हुए, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट-इंडिया (एनयूजे-आई) और दिल्ली पत्रकार संघ (डीजेए) ने एक संयुक्त बयान में कहा कि राजनीतिक नेताओं को “सार्वजनिक मंचों पर और विशेष रूप से संसद जैसे गरिमामय स्थान पर पत्रकारों के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करना चाहिए।”

एनयूजे-आई के अध्यक्ष रास बिहारी ने एक बयान में कहा, “लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा संसद भवन परिसर में मीडियाकर्मियों को इस तरह निशाना बनाया जाना और उनका अपमान करना अत्यंत निंदनीय है।”

उन्होंने कहा, “इस तरह के बयान प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला हैं, मीडिया का अस्तित्व लोकतंत्र की रक्षा के लिए है, न कि किसी राजनीतिक दल के एजेंडे को पूरा करने के लिए।”

संयुक्त बयान में, डीजेए के अध्यक्ष राकेश थपलियाल और महासचिव प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का प्राथमिक उद्देश्य “सत्ता पर सवाल उठाना” और जनता को सटीक जानकारी प्रदान करना है।

इसमें कहा गया, “किसी भी जिम्मेदार नेता के लिए मीडिया को किसी विशेष पार्टी से जोड़ना उनकी पेशेवर गरिमा को ठेस पहुंचाने के बराबर है।”

भाषा प्रशांत नेत्रपाल

नेत्रपाल


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