शह मात The Big Debate: राष्ट्रगीत पर ‘रण’ क्यों? नई गाइडलाइन जारी होते ही MP में गरमाई सियासत, आखिर ‘वंदे मातरम्’ पर कौन कर रहा राजनीति?

Politics in Madhya Pradesh over Vande Mataram Song

शह मात The Big Debate: राष्ट्रगीत पर ‘रण’ क्यों? नई गाइडलाइन जारी होते ही MP में गरमाई सियासत, आखिर ‘वंदे मातरम्’ पर कौन कर रहा राजनीति?
Modified Date: February 13, 2026 / 12:28 am IST
Published Date: February 12, 2026 11:15 pm IST

भोपालः Vande Mataram Song राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के पूरे 6 अंतरे को राष्ट्रगान के समान सम्मान देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रोटोकॉल तय कर दिया है। वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने पर ये बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन वंदेमातरम् पर देश से लेकर मध्यप्रदेश तक सियासी बयानबाजियां बदस्तूर जारी हैं। सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने संपूर्ण वंदेमातरम् गायन को अनिवार्य किए जाने के फैसले का स्वागत किया। इसके लिए पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया।

Vande Mataram Song जहां सीएम मोहन ने वंदेमातरम् के निर्देशों को एमपी में लागू करने की बात कही तो कांग्रेस इससे तिलमिला उठी। कांग्रेस नेताओं ने जहां एक ओर दावा किया कि वो बीजेपी के पहले से वंदेमातरम् का सम्मान कर रहे हैं। दूसरी ओर ये भी कहा कि केंद्र के फैसले पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अध्ययन कर रहा है। वंदेमातरम् से मजहबी आजादी पर अंकुश लगता है।

कुलमिलाकर संपूर्ण वंदेमातरम् के गायन का प्रोटोकॉल तय होने के बाद जहां देश भर में खुशी की लहर है तो दूसरी ओर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हैं। बीजेपी वंदेमातरम् को राष्ट्रीयता का मंत्र बताते हुए सम्मान करने की बात कह रही है तो कांग्रेस, आपत्ति जताने में पीछे नहीं है। ऐसे में सवाल ये है कि कांग्रेस के लिए मजहब पहले है याकि देश पहले है? सवाल ये भी कि जिस गीत में मातृभूमि और भारतमाता की वंदना है, उस गीत से क्या किसी को आपत्ति होनी चाहिए? सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या स्वतंत्रता के प्रतीक भी वोटबैंक के चश्मे से देखे जाएंगे?

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