जेएसबीसी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश के बाद अपनी हड़ताल वापस ली

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जेएसबीसी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश के बाद अपनी हड़ताल वापस ली

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  • Publish Date - January 13, 2023 / 10:19 PM IST,
    Updated On - January 13, 2023 / 10:19 PM IST

रांची, 13 जनवरी (भाषा) झारखंड स्टेट बार काउंसिल (जेएसबीसी) ने अदालती शुल्क में बढ़ोतरी के विरोध में अपनी हड़ताल बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश के बाद शुक्रवार को वापस लेने का फैसला किया।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उसे अपना आंदोलन वापस लेने का आदेश दिया था।

अदालती शुल्क में बढ़ोतरी के विरोध में जेएसबीसी ने राज्य भर के 35,000 से अधिक अधिवक्ताओं को छह जनवरी से न्यायिक कार्य से दूर रहने का निर्देश दिया था। हालांकि झारखंड उच्च न्यायालय में कुछ अधिवक्ताओं ने इस निर्देश के बावजूद काम जारी रखा, लेकिन राज्य की जिला अदालतों में काम प्रभावित रहा।

जेएसबीसी सदस्य और प्रवक्ता संजय विद्रोही ने शुक्रवार को कहा कि जेएसबीसी ने सदस्यों को न्यायिक कार्य से दूर रहने के अपने पहले के निर्देश को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश के आधार पर वापस लेने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि वकीलों को 16 जनवरी से न्यायिक कार्य पुन: शुरू करने के लिए कहा गया है।

विद्रोही ने कहा, ‘हड़ताल भले ही वापस ले ली गई है, लेकिन सरकार द्वारा अदालती शुल्क में की गई वृद्धि में कमी की मांग को लेकर कानूनी बिरादरी का विरोध जारी रहेगा। विरोध का तरीका परिषद सदस्यों द्वारा तय किया जाएगा।’

इससे पहले दिन में, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने जेएसबीसी को तुरंत प्रभाव से अपना आंदोलन वापस लेने का निर्देश दिया और हड़ताल के आह्वान के पीछे की वजहों के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने पत्र लिखकर जेएसबीसी को हड़ताल वापस लेने का आदेश दिया।

भाषा अविनाश माधव

माधव