न्यायाधीश ने धनशोधन मामले में जैकलीन की याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग किया
न्यायाधीश ने धनशोधन मामले में जैकलीन की याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग किया
नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की उस याचिका की सुनवाई से स्वयं को बृहस्पतिवार को अलग कर लिया, जिसमें अभिनेत्री ने 200 करोड़ रुपये के धन शोधन मामले में अपने खिलाफ आरोप तय करने संबंधी दिल्ली की एक अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की एक अंशकालिक कार्यदिवस पीठ ने सुनवाई की शुरुआत में ही अभिनेत्री के वकील और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सूचित किया कि मामले को किसी अन्य पीठ के समक्ष भेजा जाएगा।
न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, ‘‘कुछ दिक्कत है। एक संबंधित मामले में मेरे पुत्र सरकार की ओर से पेश हुए थे। इस मामले को 25 जून को उस पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसमें हममें से कोई सदस्य ना हो।’’
दिल्ली की एक अदालत ने गत तीस मई को 200 करोड़ रुपये के धन शोधन मामले में अभिनेत्री, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
निचली अदालत ने शहर पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में चंद्रशेखर और 20 अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के प्रावधानों सहित विभिन्न धाराओं में आरोप तय करने का भी निर्देश दिया था।
अभिनेत्री ने आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। ईडी ने जांच के दौरान जैकलीन को कई बार समन भेजा था और बाद में एजेंसी ने एक पूरक आरोपपत्र में पहली बार उन्हें आरोपी बनाया था।
ईडी का आरोप है कि जैकलीन फर्नांडीज लगातार सुकेश चंद्रशेखर के संपर्क में थीं और उन्हें सुकेश की सहयोगी पिंकी ईरानी के माध्यम से कीमती उपहार मिले थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चंद्रशेखर जेल के भीतर से एक संगठित आपराधिक नेटवर्क चला रहा था और प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय तथा कानून एवं न्याय मंत्रालय सहित वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का नाम लेकर लोगों को ठगता था।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि फर्जी कॉल, एन्क्रिप्टेड ऐप और नकली पहचान का इस्तेमाल करके आरोपियों ने शिकायतकर्ता अदिति सिंह और उनके परिवार से बड़ी रकम ठग ली।
भाषा अमित वैभव
वैभव

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