Betul Septic Tank Accident: मौत का कुआं बना सैप्टिक टैंक, दो भाइयों की तड़प-तड़पकर मौत, बचाने उतरा युवक गंभीर

Betul Septic Tank Accident: मौत का कुआं बना सैप्टिक टैंक, दो भाइयों की तड़प-तड़पकर मौत, बचाने उतरा युवक गंभीर

Betul Septic Tank Accident: मौत का कुआं बना सैप्टिक टैंक, दो भाइयों की तड़प-तड़पकर मौत, बचाने उतरा युवक गंभीर

Betul Septic Tank Accident/AI Generated Image

Modified Date: June 11, 2026 / 01:46 pm IST
Published Date: June 10, 2026 10:53 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बैतूल में सैप्टिक टैंक में दम घुटने से दो सगे भाइयों की मौत
  • बचाने उतरा तीसरा युवक भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
  • टैंक में जहरीली गैस जमा होने की आशंका

Betul Septic Tank Accident: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में दर्दनाक हादसा हो गया, यहां बुधवार को एक सैप्टिक टैंक के निर्माण के दौरान दो भाइयों की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने के लिए अंदर उतरा एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। आशंका है कि टैंक के भीतर जमा जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दोनों भाइयों की मौत हुई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर मुलताई थाना क्षेत्र के परमंडल गांव के भगत सिंह वार्ड में हुई। मुलताई थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि परमंडल निवासी ओमप्रकाश के मकान में सैप्टिक टैंक (Betul Septic Tank Accident) का निर्माण कार्य किया जा रहा था। इस दौरान डिवटिया गांव के निवासी विजय पंवार (38) और उनके छोटे भाई संजय पंवार (30) काम कर रहे थे।

एक-एक कर टैंक में उतरे तीन लोग

Betul Septic Tank Accident उन्होंने बताया कि बुधवार शाम निर्माण कार्य के दौरान संजय सैप्टिक टैंक के अंदर उतरा, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आया। उसकी खोजबीन के लिए बड़ा भाई विजय टैंक में उतरा, लेकिन वह भी वापस नहीं लौटा। परिहार ने बताया कि दोनों के साथ काम कर रहे मुकेश परिहार (30) ने जब देखा कि दोनों बाहर नहीं आए हैं, तो वह भी टैंक के अंदर चला गया। वहां उसने दोनों भाइयों को अचेत अवस्था में पड़ा देखा।

पुलिस के मुताबिक, मुकेश ने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इस दौरान जहरीली गैस (Betul Septic Tank Accident) के प्रभाव से मुकेश भी बेहोश हो गया। बाद में तीनों को मुलताई के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद संजय और विजय को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद मुकेश को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माणाधीन सैप्टिक टैंक को लगभग एक माह बाद खोला गया था। आशंका है कि टैंक के भीतर जमा जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दोनों भाइयों की मौत हुई।

जिला चिकित्सालय के अधिकारी गजेंद्र मीणा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। बता दें कि ये पहला मामला नहीं है जिसमें सेप्टी टैंक ने किसी की जान ली हो। इससे पहले भी इस तरह के मामले मध्य प्रदेश में देखने को मिलते रहे हैं।

ये भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.