कोलकाता, 21 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किए गए पूर्व मंत्री सुजीत बोस के वकील ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से शुक्रवार को उस मामले की जांच करने और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का अनुरोध किया, जिसमें न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने उनके मुवक्किल की याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।
न्यायमूर्ति घोष ने याचिकाकर्ता के वकील के गलत व्यवहार के कारण सुनवाई से हटने का फैसला लिया।
न्यायमूर्ति घोष ने एक आदेश में कहा कि 18 अगस्त को जब वह अदालत कक्ष में थीं, तब याचिकाकर्ता के वकीलों में से एक, अदालत की एक अधिकारी के साथ उनके चेंबर में आए।
उन्होंने चेंबर के बाहर मौजूद स्टाफ से इस मामले का रिकॉर्ड बाहर लाने को कहा, जिसे स्टाफ ने देने से इनकार कर दिया।
संबंधित वकील ने एक हलफनामे में खुद को बेकसूर बताया है और इस मामले की जांच कराने तथा सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है।
वकील ने न्यायमूर्ति घोष के चेंबर में घुसने की कोशिश करने के आरोप से भी इनकार किया है।
न्यायमूर्ति घोष ने गिरफ्तार पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका को उचित दिशा-निर्देशों के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपोव्रत चक्रवर्ती के समक्ष रखने को कहा है।
भाषा सुरेश संतोष
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