केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में 40, राज्य प्रयोगशालाओं में 240 दवा नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे

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केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में 40, राज्य प्रयोगशालाओं में 240 दवा नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे

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  • Publish Date - August 21, 2026 / 10:32 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 10:32 PM IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने जुलाई महीने के अपने मासिक औषधि अलर्ट में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित दवा के 40 नमूनों को ‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं’ (एनएसक्यू) पाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने भी 240 दवा नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया है।

नियमित विनियामक निगरानी गतिविधि के मुताबिक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के पोर्टल पर हर महीने मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाई गई और नकली दवाओं की सूची जारी की जाती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘अगस्त 2026 में केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने दवा के 40 नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया है, जबकि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 240 दवा नमूनों को एनएसक्यू पाया।’

बयान में कहा गया कि दवा के नमूनों को एनएसक्यू के रूप में चिन्हित करना निर्धारित गुणवत्ता मानकों में से किसी एक या अन्य मानक पर नमूने के विफल होने के आधार पर किया जाता है। यह विफलता सरकारी प्रयोगशाला द्वारा जांचे गए बैच की दवा तक ही सीमित होती है और इससे बाजार में उपलब्ध अन्य दवाओं को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है।

इसके अलावा, बिहार से लिए गए एक दवा के नमूने को नकली दवा के रूप में चिन्हित किया गया है। इसका निर्माण अनधिकृत निर्माताओं ने किसी अन्य कंपनी के स्वामित्व वाले ब्रांड नाम का इस्तेमाल करके किया था। मामले की जांच चल रही है और अधिनियम एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई नियमित रूप से राज्य नियामकों के सहयोग से की जाती है, ताकि ऐसी दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाया जा सके।

भाषा

शुभम पवनेश

पवनेश