ज्योतिप्रिय मल्लिक को माकपा की साजिश के तहत निशाना बनाया गयाः ममता
ज्योतिप्रिय मल्लिक को माकपा की साजिश के तहत निशाना बनाया गयाः ममता
हाबरा (पश्चिम बंगाल), सात अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को ज्योतिप्रिय मल्लिक को पूरा समर्थन देते हुए दावा किया कि उन्हें धनशोधन के मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की साजिश के तहत निशाना बनाया गया है।
मल्लिक ने वर्ष 2011 से 2021 तक ममता बनर्जी सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कार्यभार संभाला था।
मल्लिक को कथित करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अक्टूबर 2023 में गिरफ्तार किया था।
उन्हें जनवरी 2025 में जमानत मिल गई थी। गिरफ्तारी के समय वह राज्य के वन मंत्री थे।
मल्लिक हाबरा विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं और ममता बनर्जी ने उन्हें अपना पूरा समर्थन देते हुए माकपा और भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वे उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रही हैं।
बनर्जी ने कहा, “मेरी सरकार में बालू (मल्लिक) के जितना अच्छा काम किसी ने नहीं किया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि मल्लिक को “ईर्ष्या” के कारण गिरफ्तार किया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि माकपा ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की राशन सूची में 1.5 करोड़ फर्जी नाम शामिल किए थे, जिन्हें मल्लिक ने चिन्हित कर हटा दिया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वामपंथी दल ने भारतीय जनता पार्टी को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए राजी किया।
उन्होंने कहा, “बालू लाभार्थियों को डिजिटल राशन कार्ड उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहे थे और उन्होंने पीडीएस का सामान ले जाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए एक प्रणाली शुरू की।”
उन्होंने अपने भतीजे और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी का भी बचाव करते हुए सवाल उठाया कि ईमानदार से व्यवसाय से अर्जित आय की जांच क्यों की जा रही है।
दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं हर जगह उम्मीदवार हूं। तृणमूल को दिया गया एक-एक वोट मुझे दिया गया वोट है। यदि आप मेरे नेतृत्व में विकास कार्य जारी रखना चाहते हैं, तो मुझे ध्यान में रखकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें।”
माकपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा कि उनकी वजह से वाम दल चुनावों में शून्य पर सिमट गया।
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे को 2021 के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी पश्चिम बंगाल में एक भी सीट नहीं मिली।
भाषा
राखी पवनेश
पवनेश

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