10 साल की धावक के हौसले को सलाम! 200 किलोमीटर दौड़कर पहुंचेगी सीएम योगी से मुलाकात करने लखनऊ
200 किलोमीटर दौड़कर पहुंचेगी सीएम योगी से मुलाकात करने लखनऊ! Kajal will Reach Lucknow by Running 200 KMs to meet CM yogi Adityanath
प्रयागराज: Kajal will Reach Lucknow by Running कहते हैं न कि अगर दिल में जज्बा हो तो कोई भी उसे मंजील पाने से रोक नहीं सकता। ऐसे ही दिल में बड़ा हौसला रखने वाली है उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की ‘काजल’। काजल की उम्र महज 10 साल है और वह चौथी कक्षा की छात्र है, लेकिन उसके हौसले बड़े हैं। काजल का सपना है कि वो एथलीट बने। इसी तमन्ना को लेकर उनमें जोश भी इतना है कि दौड़ते हुए लखनऊ का सफर पूरा करने का मन बनाया। 200 किमी से अधिक दूरी दौड़ते हुए पूरा करने का जज्बा लेकर रविवार को वे निकल पड़ीं अपने सफर पर।
Kajal will Reach Lucknow by Running प्रयागराज जिले में यमुनापार स्थित मांडा के छोटे से गांव ललितपुर की 10 वर्षीय धावक काजल एक बार फिर से अपने नए मिशन पर निकल पड़ी हैं। रविवार को सुभाष चौराहा सिविल लाइंस से काजल ने लखनऊ के लिए अपनी दौड़ शुरू की। 17 अप्रैल को वह सीएम योगी से मुलाकात करेंगी। ओडिशा के शिशु मैराथन धावक व लिम्का बुक आफ रिकार्डधारी बुधिया सिंह से प्रेरणा लेकर प्रयागराज से इंडिया गेट तक 720 किमी दौड़ लगाकर रिकार्ड बना चुकी काजल अब 43-44 डिग्री तापमान के बीच एक नए सफर पर चल पड़ी है।
काजल अभी कक्षा चार की छात्रा है। उसने पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित इंदिरा मैराथन को 4:22:25 समय में पूरी कर लोगों का दिल जीता था। हालांकि कम उम्र के कारण उन्हें मैराथन के सापेक्ष कोई पुरस्कार नहीं मिला था। अब काजल सीएम से मुलाकात करने के लिए दौड़ते हुए लखनऊ जा रही हैं। रविवार की देर शाम वह फाफामऊ पहुंची। यहां वह पहले दिन का विश्राम करेंगी सोमवार सुबह पांच बजे वह फाफामऊ से दौड़ना शुरू करेंगी और प्रतापगढ़ के कुंडा पहुंचेगी, जहां विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के आवास पर विश्राम करेंगी। ऊंचाहार, रायबरेली होते हुए 17 अप्रैल को लखनऊ पहुंचेगी।
धूप अधिक होने के कारण वह सुबह पांच बजे से आठ बजे तक व शाम पांच बजे से सात बजे तक दौड़ेंगी। जबकि दोपहर में आराम करेंगी। काजल के कोच रजनीकांत ने बताया कि काजल के पिता रेलवे में प्वाइंटमैन का काम करते हैं। काजल ने बताया कि वह एथलीट बनकर पूरी दुनिया में तिरंगा लहराना चाहती हैं। उनके पास आगे की तैयारी के लिए संसाधन भले ही नहीं है, लेकिन उनका सपना और जज्बा लक्ष्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।


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