कर्नाटक विधानसभा के विशेष सत्र में सूखे और कृषि ऋण राहत पर चर्चा होगी: मुख्यमंत्री शिवकुमार

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कर्नाटक विधानसभा के विशेष सत्र में सूखे और कृषि ऋण राहत पर चर्चा होगी: मुख्यमंत्री शिवकुमार

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 07:16 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 07:16 PM IST

कलबुर्गी (कर्नाटक), 17 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार 21 सितंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र में सूखे की स्थिति के बीच किसानों को मदद करने के उपायों पर चर्चा करेगी, जिसमें ऋण माफी की संभावना भी शामिल है।

उन्होंने यह भी कहा कि बैंक किसानों को ऋण चुकाने के लिए एक वर्ष का समय देने पर सहमत हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें से दो दिन सूखे से संबंधित चर्चाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।

शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘कुछ लोगों ने कहा है कि ऋण माफ किया जाना चाहिए। मुझे भारतीय जनता पार्टी के सभी नेताओं को साथ लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने दिल्ली जाना होगा।’

उन्होंने कहा, ‘हमें इस पर चर्चा करनी होगी। बैंकों को भी बातचीत करनी होगी।’

मुख्यमंत्री ने बताया कि सूखे के आकलन की नवीनतम रिपोर्ट हाल ही में प्राप्त हुई हैं।

कृषि ऋण माफी की मांग पर उन्होंने स्थिति की तुलना बड़ी कंपनियों को दी जाने वाली ऋण पुनर्गठन और एकमुश्त निपटान सुविधाओं से की।

उन्होंने कहा, ‘जब बड़ी कंपनियां संकट का सामना करती हैं तो उनके ऋणों को समायोजित, माफ या एकमुश्त निपटान के माध्यम से सुलझाया जाता है। इसी तरह, हमारे किसानों को भी संकट से उबरने में मदद मिलनी चाहिए।’

शिवकुमार ने कहा कि विपक्षी नेताओं और विधायकों को चर्चा में भाग लेना चाहिए तथा किसानों की मदद के उपायों पर अपने सुझाव देने चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस बार सत्र को वैसे बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए जैसा कि मानसून सत्र के दौरान हुआ था।

कर्नाटक राज्य महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले के आरोपी बी. नागेंद्र को कैबिनेट में शामिल किए जाने के विरोध में विधानसभा और विधान परिषद में हुए प्रदर्शन के कारण 14 से 27 अगस्त तक निर्धारित पिछले सत्र की अवधि तीन दिन कम कर दी गई थी।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश