उमर खालिद पर दिए गए अपने बयान पर कायम हैं कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष

Ads

उमर खालिद पर दिए गए अपने बयान पर कायम हैं कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष

  •  
  • Publish Date - September 17, 2026 / 06:46 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 06:46 PM IST

बेंगलुरु, 17 सितंबर (भाषा) कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताने के अपने बयान का बृहस्पतिवार को बचाव किया और उन्हें ‘देशद्रोही’ बताने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अधिकार पर सवाल उठाया।

हरिप्रसाद की यह टिप्पणी खालिद पर दिए गए बयान को लेकर भाजपा द्वारा की जा रही आलोचना के बीच आई है।

खालिद को फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े साजिश के मामले में सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

हरिप्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे देश के संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर देखा जाना चाहिए। संविधान के विरोधी कौन हैं? तिरंगे के विरोधी कौन हैं? राष्ट्रगान के विरोधी कौन हैं?’

उन्होंने कहा कि खालिद ने संविधान या तिरंगे के खिलाफ कुछ नहीं बोला है और वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमारे खालिद ने कहीं भी संविधान या तिरंगे के खिलाफ नहीं बोला है। उन्हें छह साल तक अवैध रूप से जेल में रखे जाने के बावजूद उन्होंने न्यायपालिका के खिलाफ कुछ नहीं कहा। उनके मन में अदालतों के लिए सर्वोच्च सम्मान है।’

हरिप्रसाद ने कहा कि भाजपा नेता न्यायाधीश नहीं हैं और कोई राष्ट्रविरोधी है या नहीं, यह तय करने वाली अदालत भाजपा का कार्यालय नहीं है।

उन्होंने सवाल किया, ‘उन्हें भाजपा के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। न तो भाजपा के नड्डा, न ही ‘जूनियर’ येदियुरप्पा (भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र की ओर इशारा करते हुए) और न ही भाजपा का कोई अन्य नेता न्यायाधीश है। भाजपा कार्यालय कोई अदालत नहीं है। अगर कोई कहता है कि वह राष्ट्रविरोधी है, तो क्या यह फैसला वे करेंगे या अदालत?’

उन्होंने खालिद को देशद्रोही बताए जाने के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘(भाजपा के) उनके अपने मानकों के मुताबिक भी वे उनके खिलाफ न तो कोई प्राथमिकी दर्ज कर पाए हैं और न ही कोई आरोप पत्र दाखिल कर पाए हैं।’

हरिप्रसाद ने कहा कि वह और अन्य लोग खालिद की ‘अवैध हिरासत’ की निंदा करते हैं।

भाषा सुमित नरेश

नरेश