कर्नाटक: हुब्बली में महिला की गिरफ्तारी को लेकर विवाद, सीआईडी ​​जांच पर विचार कर रही सरकार

कर्नाटक: हुब्बली में महिला की गिरफ्तारी को लेकर विवाद, सीआईडी ​​जांच पर विचार कर रही सरकार

कर्नाटक: हुब्बली में महिला की गिरफ्तारी को लेकर विवाद, सीआईडी ​​जांच पर विचार कर रही सरकार
Modified Date: January 9, 2026 / 03:52 pm IST
Published Date: January 9, 2026 3:52 pm IST

बेंगलुरु, नौ जनवरी (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को कहा कि सरकार हुब्बली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक महिला कार्यकर्ता की विवादास्पद गिरफ्तारी की जांच अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ​​को सौंपने पर विचार कर रही है।

यह निर्णय महिला से जुड़े पुलिस दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद लिया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से चर्चा के बाद मामले को सीआईडी ​​को सौंपने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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परमेश्वर ने कहा, “हुब्बली घटना के संबंध में मैंने कुछ जानकारी जुटाई है। हम मामले को सीआईडी ​​को सौंपने पर चर्चा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से चर्चा और उनकी अनुमति मिलने के बाद, इसे सीआईडी ​​को सौंप दिया जाएगा।”

उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि घटना की जांच के लिए सीआईडी ​​को कहा जाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा। हाल ही में पुलिस वाहन में महिला का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।

हालांकि, पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए बताया था कि महिला ने पांच जनवरी को कांग्रेस पार्षद को गाली देने, धमकी देने और मारपीट करने के आरोप में हिरासत में लिए जाने के दौरान खुद अपने कपड़े उतारे थे।

मंत्री ने घटना के संबंध में एक निरीक्षक के निलंबन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई की है।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, “प्रारंभिक जानकारी के आधार पर मैंने पहले कहा था कि पुलिस ने महिला के कपड़े नहीं उतारे, उसने खुद ऐसा किया था। चूंकि हम इसकी विस्तृत जांच चाहते हैं, इसलिए हम इस पर (सीआईडी ​​जांच) विचार कर रहे हैं ।”

परमेश्वर ने भाजपा की महिला कार्यकर्ता के खिलाफ कई मामलों के आरोपों पर पूछे जाने पर कहा, “दावों और प्रतिदावों के बीच केवल जांच से ही तथ्य व पृष्ठभूमि सामने आएगी।”

इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस से पांच दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


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