कर्नाटक : आबकारी रिश्वत कांड में मंत्री तिम्मापुर के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दायर

कर्नाटक : आबकारी रिश्वत कांड में मंत्री तिम्मापुर के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दायर

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 07:57 PM IST

बेंगलुरु, 19 जनवरी (भाषा) कर्नाटक लोकायुक्त को राज्य के मंत्री आर बी तिम्मापुर के खिलाफ आबकारी रिश्वत कांड में कथित संलिप्तता को लेकर एक औपचारिक शिकायत प्राप्त हुई है।

यह घटनाक्रम हाल में 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद हुआ है।

हालांकि, रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में मंत्री ने आरोपों को खारिज किया था।

शिकायतकर्ता लक्ष्मीनारायण ने आरोप लगाया कि आबकारी उपायुक्त जगदीश नाइक ने लीक हुई ऑडियो क्लिप में मंत्री का नाम लिया था।

इस संबंध में एक लोकायुक्त अधिकारी ने कहा, ‘‘लक्ष्मीनारायण ने मंत्री के खिलाफ शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आबकारी उपायुक्त जगदीश नाइक ने सार्वजनिक हुई ऑडियो क्लिप में उनका नाम लिया है।’’

लक्ष्मीनारायण ने सीएल-7 लाइसेंस (होटल और बोर्डिंग हाउस) तथा बियर तैयार करने की छोटी भट्ठी के परमिट के लिए आवेदन किया था, जिसके लिए नाइक और दो अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर 80 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

उन तीनों को 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया था।

इस बीच, कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता क्रमश: आर अशोक और चलवाडी नारायणस्वामी ने तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में, नाइक की ऑडियो क्लिप सुनाई, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने मंत्री का नाम लिया।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि नाइक रिश्वत की रकम में मंत्री के हिस्से का जिक्र कर रहे थे।

वहीं, मंत्री ने सवाल किया कि किसी के द्वारा उनके नाम का दुरुपयोग किए जाने पर उन्हें क्यों जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

तिम्मापुर ने कहा, ‘‘अगर किसी ने कुछ गलत किया है और मेरे नाम का दुरुपयोग किया है, तो हम उसे निलंबित कर देंगे। अगर आबकारी उपायुक्त मेरे नाम का दुरुपयोग करे तो मैं क्या कर सकता हूं? मुझे इसके लिए इस्तीफा क्यों देना चाहिए?’’

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने आबकारी उपायुक्त की गिरफ्तारी के बाद तिम्मापुर के इस्तीफे की भाजपा की मांग को खारिज किया।

खरगे ने कहा कि भाजपा के पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि भाजपा ने पहले भी ऐसे आरोप लगाए थे, लेकिन उस वक्त वे कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं कर सके थे।

उन्होंने कहा कि अब एक अधिकारी लोकायुक्त की गिरफ्त में आया है, तो जांच होने दीजिए।

खरगे के अनुसार, तिम्मापुर ने कहा है कि जिसने भी गलती की है, उसे अंजाम भुगतना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा सत्र जल्द ही शुरू होगा, जहां भाजपा यह मुद्दा उठा सकती है और दस्तावेज प्रस्तुत कर सकती है। तिम्मापुर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो वह एक पल भी मंत्री पद पर नहीं रहेंगे।’’

भाषा

सुभाष नेत्रपाल

नेत्रपाल