मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग पर विपक्ष के हंगामे के बाद कर्नाटक विधान परिषद स्थगित

मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग पर विपक्ष के हंगामे के बाद कर्नाटक विधान परिषद स्थगित

मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग पर विपक्ष के हंगामे के बाद कर्नाटक विधान परिषद स्थगित
Modified Date: August 18, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: August 18, 2026 8:49 pm IST

बेंगलुरु, 18 अगस्त (भाषा) कर्नाटक विधान परिषद को मंगलवार को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) के हंगामे के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्ष एक राज्य संचालित निगम में करोड़ों रुपये के गबन के आरोपों का सामना कर रहे मंत्री बी. नागेंद्र को हटाने की मांग कर रहा था।

जैसे ही दूसरे सत्र में सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा के विधान परिषद सदस्यों ने मंत्रिमंडल में एक ‘दागी’ मंत्री को शामिल करने के लिए कांग्रेस की निंदा करते हुए नारेबाजी की।

विपक्षी सदस्यों ने नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए और आरोप लगाया कि घोटाले का पैसा सीधे कांग्रेस नेताओं के घर पहुंचा।

विधान परिषद के सभापति सलीम अहमद ने प्रदर्शनकारी विधायकों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ। विपक्ष ने सदन के भीतर नागेंद्र को हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी जारी रखी। अंततः, सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति (एसटी) विकास निगम में धन के कथित गबन के आरोपों के बाद मंत्री नागेंद्र ने सिद्धरमैया के नेतृत्व वाले पिछले मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था, उन्हें तीन अगस्त को डी. के. शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रालय में शामिल किया गया था। वह अब योजना और सांख्यिकी मंत्री हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जुलाई 2024 में वाल्मीकि निगम घोटाले के मामले में बल्लारी के इस विधायक (नागेंद्र) को गिरफ्तार किया था, और बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने उसी वर्ष अक्टूबर में उन्हें जमानत दे दी थी।

नागेंद्र को इस मामले के संबंध में ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा आरोप पत्र में नामजद किया गया है।

भाषा सुमित पवनेश

पवनेश


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